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बलराम हत्याकांड में चार को आजीवन कारावास की सजा

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मैनपुरी। थाना घिरोर क्षेत्र के गांव कौंडरा में पांच साल पहले बलराम की खेत पर हत्या करने वाले गंाव के ही चार लोगों को अपर जिला जज प्रथम वंश बहादुर यादव ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने केे बाद चारों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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थाना घिरोर क्षेत्र के गांव कौंडरा निवासी बलराम सिंह सात जनवरी 2016 की सुबह आठ बजे अपने खेत पर आलू की फसल देखने गया था। खेत पर पहले से मौजूद गंाव के ही अरविंद कुमार, शिवकुमार उर्फ टीटू, अखिलेश कुमार तथा लटूरी सिंह ने उसको घेर लिया। गालियां देते हुए उस पर अवैध असलहों से फायरिंग कर दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बलराम के पिता सुरेंद्र सिंह ने चारों के खिलाफ बलराम की हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच करके चारों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी है।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम वंश बहादुर यादव की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने चारों के खिलाफ बलराम की हत्या करने की कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर चारों को बलराम की हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी विपिन कुमार चतुर्वेदी ने चारों को कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज प्रथम वंश बहादुर यादव ने चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद चारों को अदालत से हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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तमंचा रखने में एक साल की सजा
पुलिस ने बलराम की हत्या करने वाले अरविंद और अखिलेश के कब्जे से तमंचे बरामद किए थे। उनके खिलाफ तमंचा रखने का अलग से मुकदमा चला। गवाही के आधार पर दोनों को तमंचा रखने का दोषी पाया गया। अपर जिला जज वंश बहादुर यादव ने दोनों को तमंचा रखने में एक एक साल की सजा सुनाई है। उन पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
विधिक प्रतिनिधि को मिलेंगे 40 हजार रुपये
बलराम की हत्या करने वालों पर 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अपर जिला जज प्रथम वंश बहादुर यादव ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से आधी धनराशि बलराम के विधिक प्रतिनिधि को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी। आदेश के तहत ही विधिक प्रतिनिधि को 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।
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