ट्रेनों में सफर करने वाले मूक-बधिर यात्रियों को समझने और समझाने की दिक्कत नहीं होगी। रेलवे प्रशासन ने इसके लिए कर्मचारियाें को सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण दिया है। ये स्टेशन और ट्रेनों में मूक-बधिर यात्रियों को सांकेतिक भाषा के जरिये सहयोग करेंगे।
रेलवे वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि आगरा कैंट स्टेशन को दिव्यांगजन फ्रेंडली स्टेशन के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसमें पोर्टेबल रैंप, व्हीलचेयर और ट्रेनों में चढ़ने के लिए व्यवस्था की है। नेत्रहीन यात्रियों के लिए स्टेशन पर ब्रेल लिपि बोर्ड भी लगाया गया है, जिससे नेत्रहीन ट्रेनों के संचालन की जानकारी कर सकते हैं।
इसके लिए रेलवे ने कर्मचारियों को मूक-बधिर भाषा का प्रशिक्षण दिया है। इसमें वीडियो का भी सहारा लिया गया है। ये प्रशिक्षित कर्मचारी स्टेशन और ट्रेन में तैनात रहेंगे और मूक-बधिर यात्रियों को किसी भी परेशानी का समाधान कराने के साथ उनको सांकेतिक भाषा में जानकारी भी देंगे।
ये भी पढ़ें - Agra Crime: सुबह-सुबह पुलिया की नीचे मिला युवक का शव, सिर पर चोट के निशान; जांच में जुटी पुलिस