फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

व्यापारी की हत्या पर बेटी का दर्द: 'पुलिस ने पापा को ढूंढने के लिए हमसे 50 हजार भी लिए, फिर भी...'और बिलख पड़ी

Wed, 02 Aug 2023 03:42 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में व्यापारी की हत्या पर बेटी का दर्द छलका। उसने कहा कि 'पुलिस ने पापा को ढूंढने के लिए हमसे 50 हजार भी लिए, फिर भी...' और कहते कहते वह बिलख पड़ी।
विज्ञापन
Agra: व्यापारी विनोद गुप्ता की फाइल फोटो, आपबीती बताती बेटी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के आगरा में ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र से पांच दिन पहले लापता हुए पायल (आर्टिफिशियल) कारोबारी विनोद कुमार गुप्ता (52) की हत्या कर दी गई। शव को यमुना के किनारे फेंका गया। घर वालों को सूचना मिली तो पत्नी और बेटी पूरी तरह टूट गईं। वह बिलखने लगीं। बेटी ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। बेटी चीख-चीख कर पुलिस की लापरवाही से हत्या किए जाने की बात कहती रही। 

विज्ञापन


व्यापारी विनोद गुप्ता की बेटी ने कहा कि उसने शक के आधार पर आरोपी अनिल को पकड़ा था। उसे पुलिस को भी सौंपा था। लेकिन कुछ ही घंटे बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया। कहा कि दरोगा रेखा रानी लगातार परिजन को भ्रमित करती रहीं। हर बार पूछने पर वह यही कहती रहीं कि हम तुम्हारे पापा ठीक हैं। 

यह भी पढ़ेंः- दिव्यांग दंपती का दर्द: साहब! ADA वालों ने उखाड़ फेंका खोखा, भूखों मर रहे बच्चे...मुझे अपनी दुकान लगा लेने दो

विज्ञापन

कहा कि रेखा रानी ने कहा कि तुम्हारे पापा अपनी मर्जी से स्वैप पर गए हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि 31 जुलाई को हम उन्हें तुम लोगों को हैंड ओवर कर देंगे। बेटी ने आरोप लगाया कि दरोगा रेखा रानी ने पापा को सुरक्षित वापस करने के लिए उन लोगों को थाने बुलाकर 50 रुपये भी लिए। इसके बाद भी वह उन्हें बचा नहीं सकी। पुलिस की लापरवाही और खुद पर बीती दास्तां को वह चीख-चीख कर बताती रही। 

बेटी ने कहा कि हम लोगों ने बहुत बड़ी गलती की। हमें थाने की पुलिस पर भरोसा करना ही नहीं चाहिए था। हम लोगों को पहले ही पुलिस अधिकारियों के पास जाकर शिकायत करनी चाहिए थी। हो सकता है मेरे पापा आज जिंदा होते। उसने पुलिस की लापरवाही से व्यापारी की हत्या होने का आरोप लगाया।      

यह भी पढ़ेंः-  रिवॉल्वर रानी: 'हम पिस्टल हाथ में रखते हैं...न किसी के बाप से डरते हैं' गाने पर बनाई रील; अब ढूंढ रही पुलिस

यह है पूरा मामला 

दरअसल, कृष्णा कान्हा रेजीडेंसी, कालिंदी विहार निवासी विनोद कुमार गुप्ता 27 जुलाई की रात 8:30 बजे अनिल का फोन आया। इसके बाद वह घर से निकले थे। जब रात 9 बजे तक नहीं लौटे तो पत्नी बबीता गुप्ता ने उन्हें कॉल किया लेकिन 2-3 रिंग जाने के बाद मोबाइल बंद हो गया। परिजन चिंतित हो गए। रातभर तलाश करते रहे। ट्रांस यमुना थाने गए तो पुलिस ने कहा कि 12 घंटे बाद गुमशुदगी दर्ज होगी। अगले दिन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की।

डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि विनोद की अनिल नामक ऑटो चालक से दोस्ती थी। अनिल उनके घर भी आया-जाया करता था। विनोद ने उसे 1.75 लाख रुपये उधार दिए थे। पिछले कुछ दिनों से वह रकम वापस करने का दबाव बना रहे थे। उधारी नहीं चुकानी पड़े इसलिए आलोक ने हत्या की साजिश रची। अपने तीन साथियों के साथ मिलकर विनोद को गला घोंटकर मार डाला। 

यह भी पढ़ेंः- UP: पूजा के लिए तांत्रिक ने घर बुलाया...किया ऐसा हाल कि जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा बेटा; खतरे में मां की जान
 

मंगलवार को शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अनिल, रोहित, विशाल और संदीप को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में पता चला कि हत्यारोपी साजिश के तहत विनोद कुमार को ऑटो से ले गए थे। शव को एत्मादपुर के छलेसर चौकी क्षेत्र स्थित रायपुर घाट के पास यमुना किनारे फेंका था। 28 जुलाई को थाना एत्मादपुर पुलिस को अज्ञात शव मिला था। पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
विज्ञापन

पुलिस की लापरवाही, समन्वय नहीं होने से शिनाख्त में हुई देरी

ट्रांस यमुना और एत्मादपुर थाना क्षेत्र की सीमाएं आपस में सटी हुई हैं। कारोबारी 27 जुलाई को लापता हुए। 28 जुलाई को एत्मादपुर क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिला। ट्रांस यमुना थाने में उसी दिन 28 जुलाई को गुमशुदगी दर्ज हुई। पुलिस सजग होती तो 28 जुलाई को ही विनोद की हत्या की जानकारी हो जाती। यह स्थिति तब है जब अज्ञात शव मिलते ही इसकी सूचना कंट्रोल को दी जाती है। एत्मादपुर पुलिस ने अज्ञात शव की सूचना नोट कराई थी। फोटो भी भेजा था। मृतक का फोटो पुलिस ग्रुप भी में वायरल किया गया था।


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें