किडनी ट्रांसप्लांट के लिए मरीजों को और इंतजार करना पड़ेगा। एसजीपीजीआई लखनऊ और एसएन मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों के बीच हुई ऑनलाइन बैठक में तिथि तय नहीं हो सकी। ऐसे में जल्द तिथि तय करने के लिए एसजीपीजीआई के निदेशक को पत्र लिखा गया है। एसएन में किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट बन गई है। चार आइसोलेट चैंबर, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी बने हैं। किडनी ट्रांसप्लांट के लिए 12 मरीजों का पंजीकरण हो चुका है। तीन मरीजों के ट्रांसप्लांट की कानूनी अनुमति भी मिल गई है।
बीते बुधवार को एसजीपीजीआई लखनऊ के किडनी रोग विभाग के विशेषज्ञों के साथ ऑनलाइन बैठक में तीनों मरीजों की रिपोर्ट देखकर इनको ट्रांसप्लांट करने के लिए ठीक बताया गया था। पांच अगस्त को ट्रांसप्लांट के लिए तिथि तय करने पर सहमति बनी। बुधवार को ऑनलाइन बैठक में ट्रांसप्लांट के लिए एसजीपीजीआई की टीम की ओर से तिथि नहीं मिली है।
दरअसल, शुरू के 25 ट्रांसप्लांट एसजीपीजीआई की टीम की निगरानी में होने हैं, इसके बाद एसएन के विशेषज्ञ ऑपरेशन करने लगेंगे। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि मरीज, ओटी, आईसीयू सभी तैयार है लेकिन दो बार बैठक में ट्रांसप्लांट के लिए तिथि नहीं मिल पाई है। मरीजों की परेशानी को देखते हुए एसजीपीजीआई के निदेशक को पत्र लिखकर जल्द तिथि तय करने की मांग की है।
2.5 लाख रुपये आएगा खर्च
एसएन में किडनी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि आयुष्मान कार्ड योजना, मुख्यमंत्री राहत योजना, बीपीएल कार्डधारकों का ट्रांसप्लांट निशुल्क होगा। अन्य को 2.50 लाख रुपये में यह सुविधा मिलेगी। निजी अस्पतालों में इसका खर्च 8-10 लाख रुपये है।