क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि छलेसर में दलित दूल्हे की बरात चढ़ने से रोकने और दूल्हे को घोड़ी से उतारकर पीटने की घटना महज संयोग नहीं है। इसके पीछे गढ़ी रामी में सम्मेलन के बाद से ही जातीय तनाव की स्थिति है। क्षत्रियों के सम्मेलन के बाद ही गढ़ी गज्जू में रात को आंबेडकर की मूर्ति क्षतिग्रस्त की गई थी। पुलिस प्रशासन ने तत्परता से दूसरी मूर्ति लगवाकर तनाव को टाला था।
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अब छलेसर में बरात पर हुए हमले के बाद मिश्रित आबादी वाले इलाके में जातीय तनाव फैल गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस नेताओं के दबाव में है। डीसीपी अतुल शर्मा का कहना है कि जल्द ही सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। वीडियो फुटेज भी चेक किए जा रहे हैं।
भीम आर्मी ने दिया आश्वासन
भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष रिंकू सेठ ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। बृहस्पतिवार सुबह आंबेडकर पार्क पर कार्यकर्ता एकत्रित होकर बैठक करने पहुंचे, सूचना पर एसीपी पीयूषकांत राय भी पहुंच गए। एसीपी ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है।
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दलित समाज की बरात पर हमला चिंतनीय
बसपा मुखिया मायावती ने एक्स पर पोस्ट किया है कि आगरा में दलित समाज की बरात पर हमला चिंतनीय है। जातिवादी व सामंती तत्वों द्वारा हिंसा की ताजा घटना सहित यूपी के विभिन्न जिलों में भी गरीबों व दलितों आदि पर हो रहीं जुल्म-ज्यादती की बढ़ती घटनाएं अति चिंतनीय हैं। जबकि बीएसपी के शासनकाल में सरकार हमेशा अन्याय के विरुद्ध इनके साथ खड़ी हुई दिखती थी।