दौलत और शौहरत के लिए दक्ष ने चुना अपराध का रास्ता -चार साल पहले चोरी के मामले में गाजियाबाद पुलिस ने भेजा था जेल
संवाद न्यूज एजेंसी
किशनी (मैनपुरी)। दौलत और अपराध जगत में नाम कमाने के लिए दक्ष ने गलत रास्ता चुना था। शुक्रवार को गाजियाबाद पुलिस से मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसको लेकर कई बातें सामने आईं। दक्ष को जानने वालों ने बताया कि दक्ष 100 रुपये के लिए किसी की जान ले सकता था। चार साल पहले गाजियाबाद पुलिस ने उसे चोरी के मामले में जेल भेजा था। दक्ष का अंतिम संस्कार परिजन ने गाजियाबाद में ही कर दिया।
बता दें कि तीन मई को टाटा स्टील प्रवेश अलमीरा के बिजनेस हैड विनय त्यागी की लूट के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में किशनी क्षेत्र के गांव हरीसिंगपुर निवासी दक्ष चौहान का नाम भी सामने आया था। शुक्रवार की सुबह गाजियाबाद पुलिस से हुई मुठभेड़ में दक्ष की जान चली गई। वह करीब दो साल से सीलमपुर में अपने रिश्तेदार के यहां रह रहा था। इस दौरान उसने माता पिता से संपर्क भी नहीं किया था। दक्ष की मौत के बाद कई बातें सामने आईं हैं। उसे जानने वाले लोगों का कहना है कि एक बार जब वह दिल्ली से गांव आया था। तब उसके पास कई पिस्टलें थीं। वह कहता था कि 100 रुपये के लिए भी वह किसी की हत्या कर सकता है। उसकी यह बातें उस समय बचकानी लग रहीं थीं। लेकिन क्या पता था कि वह अपराध के रास्ते पर चल पड़ा है। गाजियाबाद में कुछ मंगलामुखियों की सोहबत में पड़ कर वह नशा भी करने लगा था।
नशे की लत पूरा करने और बेतहाशा रुपया कमाने और अपराध जगत में नाम कमाने के लिए दक्ष अपराध के रास्ते पर चला गया था। चार साल पहले भी उसने गाजियाबाद में एक चोरी की थी। इस मामले में गाजियाबाद पुलिस ने ही उसे जेल भी भेजा था। यह भी चर्चा है कि दो साल पहले उसने अपने एक रिश्तेदार पर भी फायर कर दिया था। लेकिन मामले को दबा दिया गया था। परिजन की माने तो वह पढ़ाई में होशियार था, हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की थी। इसके बाद मामा के पास इंटर की पढ़ाई के लिए गाजियाबाद चला गया था।