20 दिन में 1050 किमी का साइकिल से सफर तय करने के बाद साइक्लाथोन गुरुवार को आगरा पहुंची। काठमांडू से लेकर कन्याकुमारी तक की इस साइक्लाथोन के दौरान योग और पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है।
साइक्लाथोन का नेतृत्व कर रहे आर्टिस्टिक योगा के संस्थापक भरत ठाकुर ने बताया कि यह ‘योगा चक्र’ 90 दिन में पूरा होगा। इस दौरान शहरों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों को जागरूक करने के लिए विभिन्न स्थानों पर कैंप आयोजित लगाया जाता है। उन्होंने बताया कि फिट रहने के लिए साइकिल चलाना बहुत जरूरी है। सप्ताह में कम से कम दो दिन लोगों को साइकिल का प्रयोग करना चाहिए। इससे सेहत के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन भी होगा। यह साइक्लाथोन लखनऊ, कानपुर, इटावा, औरैया होते हुए आगरा पहुंची। शुक्रवार को यह मथुरा पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि उनका ‘योगा चक्र’ पांच हजार किमी का सफर तय करने के बाद पूरा होगा। भरत ठाकुर का कहना है कि उनकी टीम में चार लोग साइकिल से सफर करते हैं।
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क्या है आर्टिस्टिक योगा
भरत ठाकुर के अनुसार, आर्टिस्टिक योगा, योग का ही रूप है। जो आसन, प्राणायाम और योग क्रिया की क्लासिकल प्रथाओं के साथ शरीर क्रिया विज्ञान एवं बायो मैकेनिक्स का संयोजन है।