आगरा के सिकंदरा के शुभम तिवारी सोशल मीडिया टेलीग्राम पर ट्रैवेल बुकिंग कराने वाली कथित कंपनी के स्कॉट डन नाम के ग्रुप में जुड़े। इसके बाद उनके पास एक युवती ने संदेश भेजा और रोजाना एक से दो घंटा पार्ट टाइम काम कर 1,900 से 2,900 रुपये तक कमाने का लालच दिया। काम के बदले बाेनस के 16,215 रुपये एप पर दिखने लगे। कंपनी की ओर से सान्वी नाम की लड़की ने बैंक खाता एड करने पर एप पर दिख रहे रुपये खाते में ट्रांसफर की। इसके बाद उन्होंने 10,100 रुपये जमाकर गेम दोबारा शुरू किया, फिर से रुपये खाते में आ गए। दो लाख से काम शुरू किया। पहले राउंड में सिल्वर पैकेज मिला। गोल्ड पैकेज का लालच देकर मुनाफे की रकम को निकालने नहीं दिया गया। उन्होंने अपने और बहन के खाते से 16.05 लाख रुपये जमा कर दिए। इसके बाद और निवेश से मना किया तो धोखाधड़ी का पता चला। उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
इसी तरह सिकंदरा की आयुषी पांडे मार्च माह में टेलीग्राम पर स्टाॅक्स के बारे में ढूंढने पर हाई अर्निंग हब नाम के चैनल से जुड़ गईं। एक लिंक देकर व्हाट्सएप पर ग्रुप में जोड़ा गया। पहले 10 हजार निवेश कराए गए। उसके बाद और मुनाफे का लालच देकर दूसरे ग्रुप में जोड़ा गया। हर बार मुनाफा दिखाया जा रहा था। उन्होंने 7.35 लाख रुपये का निवेश कर दिया। कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर बात कर रकम निकालने को कहा तो सर्विस टैक्स के नाम पर 3.35 लाख लगने और जमा कराए कुल रकम का भुगतान भी नहीं हुआ।
शाहगंज के गढ़ी भदौरिया की निवासी काजल कैम को फेसबुक पर नंदनि बंसल नाम की आईडी पर पार्टटाइम काम करने का विज्ञापन दिखा। पहलेे 3000 रुपये जमा करने पर हर टास्क पर 50 रुपये मिलने की बात हुई। 14 जुलाई को रुपये जमा कर काम शुरू किया। शुरुआत मेें रुपये मिले तो भरोसा हो गया। इसके बाद और निवेश करने पर मुनाफा मिलने की जानकारी देकर छह लाख रुपये का निवेश करवा लिया। रकम निकालने के लिए और निवेश की बात कह कर कुल 12.96 लाख रुपये जमा करा लिए। अब रकम वापस करने के लिए 10 लाख रुपये और जमा करने को कहा गया। ठगी का शक होने पर उन्होंने साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पहले लालच फिर डर को बनाते हैं हथियार
एडीसीपी आदित्य कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी पहले लोगों को लुभावने आफर देते हैं। झांसे में आने पर थोेड़ी रकम देकर भरोसा जीतते हैं। इसके बाद रकम डूबने का डर दिखाकर और रुपये ऐंठते हैं। किसी भी जगह निवेश करने से पहले कंपनी के बारे में जांच जरूर करनी चाहिए। किसी भी तरह की ठगी होने पर जल्द से जल्द साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काॅल कर शिकायत दर्ज कराएं और नजदीकी थाने जाकर साइबर हेल्प डेस्क पर शिकायत करें। सही समय पर शिकायत करने पर पुलिस बैंक खातों में भेजी गई रकम को होल्ड करा सकती है और पुलिस को अपराधी तक पहुंचने में भी मदद मिलती है।