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सावधान: शेयर ट्रेडिंग से कमाई, रिव्यू और पार्ट टाइम जाॅब...उड़ जाएंगे अकाउंट से पैसे, बचने के ये हैं चार तरीके

Sat, 19 Apr 2025 09:17 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आजकल कईं तरह से साइबर ठगी हो रही है और अब एक और नया तरीका सामने आया है। जिस किसी के साथ भी यह घटना हो रही है वह समझ ही नहीं पा रहा है कि आखिर ये हुआ कैसे?
 
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साइबर क्राइम रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डिजिटल अरेस्ट का दांव कमजोर होते देख साइबर ठगों ने नया पैंतरा चला है। अब यह मुनाफे का झांसा देकर खाते खाली करा रहे हैं। लोग कम वक्त में ज्यादा कमाने की लालच में इनकी गिरफ्त में आ जाते हैं। मार्च माह के दूसरे पखवाड़े में शहर में एक करोड़ से ज्यादा की ठगी के ऐसे ही मामले सामने आए हैं। यह पुलिस रिकॉर्ड मेंं दर्ज हैं।
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जामताड़ा के शागिर्द ठगी के नए फार्मूले ईजाद कर रहे हैं। पुराने दांव से लोगों के चौकन्ना होते ही यह पैंतरा बदल देते हैं। डिजिटल अरेस्ट के झांसे से लोग चेतने लगे तो मुनाफे को ‘टूल’ बना लिया। इन दिनों शेयर ट्रेडिंग, रेटिंग, रिव्यू, पार्ट टाइम नौकरी, डिजिटल मार्केटिंग, निवेश, ऑनलाइन मार्केटिंग, ऑफर, सस्ते लोन के नाम पर ठगी की जा रही है। साइबर सेल और पुलिस के पास भी ऐसे ही मामले पहुंच रहे हैं।

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शेयर लिंक से बोनस और गिफ्ट पुरानी बात
साइबर ठगों का शेयर लिंक से बोनस या स्कीम का लाभ पुराना हथकंडा रहा है। लिंक पर क्लिक करने से आने वाला ओटीपी पूछकर यह खाता खाली कर देते थे। लाॅटरी निकलने या लकी कस्टमर गिफ्ट के नाम से धोखा भी चलन में रहा है। इसमें कॉल कर ऑनलाइन या ऑफलाइन खरीदारी के बारे में ग्राहक से पूछताछ कर ली जाती थी। ठग झांसे से टैक्स की रकम खाते में मंगवाते थे। इसी बहाने खाते की जानकारी कर लेते थे। रकम के लेनदेन के दौरान ओटीपी हासिल कर रकम निकाल लेते थे। इसके बाद डिजिटल अरेस्ट को हथियार बनाया गया।

 

साइबर फ्रॉड से ऐसे बचें
- ऑफर देने वाली कंपनी की तस्दीक कर लें।
- बैंक खाते की जानकारी न दें।
- किसी ऑफर या ट्रेडिंग के बारे में विशेषज्ञ से जानकारी जरूर करें।
-साइबर फ्रॉड की शिकायत 1930 और 112 पर कॉल कर की जा सकती है।


 

अनजान कॉल पर विश्वास न करें
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी कई बार मुनाफे का लालच देकर भी ठगते हैं। अगर, फोन और व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से कोई मुनाफे की बात करता है तो समझ जाएं, ठगी होने वाली है। अनजान नंबर से आने वाले काॅल और मैसेज पर विश्वास नहीं करें। ये साइबर अपराधी हो सकते हैं।

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केस : 1
शेयर ट्रेडिंग से कमाई का झांसा
कमलानगर में डी ब्लाक के रवि कुमार शेयर खरीदने पर 50 से 150 गुना मुनाफे के लालच में चेसिंग ड्रीम्स 485 व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ गए। एंजल वन ट्रेडिंग कंपनी नाम से खाता खुलवाया। साइबर ठगों ने लाखों रुपये खातों में जमा कराए। बैंक से ऋण लेकर भी शेयर खरीद डाले। बाद में रवि कुमार ने 51 लाख की ठगी का केस दर्ज कराया।

 

केस: 2
रिव्यू के नाम पर कर ठगी
ओल्ड ईदगाह के वैभव जैन के व्हाट्सएप पर संदेश आया। इसमें गूगल मैप पर होटलों, रेस्तरां और कैफे के हर अच्छे रिव्यू पर 50 रुपये का झांसा दिया गया। साइबर ठगाें ने भरोसा जताने के लिए पहले तीन रिव्यू कराए। बदले में 150 रुपये भेज दिए। इसके बाद तीन ऑर्डर करने के लिए कहा। वैभव से तीन बार में 70 हजार रुपये खाते में डलवा लिए।

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केस: 3
पार्ट टाइम जाॅब का धोखा

शुभम अपार्टमेंट, मदिया कटरा रोड निवासी डॉ. नीतिश कुलश्रेष्ठ को पार्ट टाइम जॉब की पेशकश की गई। काम होटलों को रेटिंग देना बताया गया। वह कंपनी से जुड़ गए। पहले कंपनी ने कुछ पैसे भेजे। इसके बाद छोटा निवेश करने के लिए कहा गया। उन्होंने रुपये जमा कर दिए। फिर क्रिप्टो करेंसी में निवेश कराया गया। नीतिश से 8 लाख 62 हजार रुपये ठग लिए गए।
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