आगरा जनपद के फतेहपुर सीकरी थाना क्षेत्र के ग्राम डाबर निवासी गोविंद सिंह और उनके भतीजे जितेंद्र के खाते से 59 हजार रुपये शातिरों ने निकाल लिए। साइबर ठग ने खुद को रिश्तेदार बताकर शादी के लिए रुपये (नेग) भेजने का झांसा दिया था।
दोनों ने ऑनलाइन फोन पर खाता अटैच कर पिन जनरेट कर दिया। दोनों के खातों से फोन पे के माध्यम से दो बार में यह रकम निकल गई। ठगी का पता चलने पर थाना सीकरी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला साइबर सेल को भेज दिया है।
गोविंद और जितेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पड़ोसी के यहां शादी है। यह शादी उसके (गोविंद सिंह के) ही माध्यम से हो रही है। सोमवार को उनकी मां के मोबाइल पर किसी का फोन आया। उसने हालचाल पूछने के बाद पड़ोस में शादी का जिक्र करते हुए रुपये भेजने के लिए घर के किसी व्यक्ति का खाता नंबर मांगा।
इस पर महिला ने अपने उससे ( गोविंद सिंह से) नंबर बताने को कह दिया। गोविंद और जीतेंद्र ने खाता नंबर बता दिया, तो साइबर हैकर ने उन्हें भी अपनी बातों में उलझाकर ऑनलाइन फोन पर खाते से अटैचमेंट करा पिन जनरेट कर लिया।
इसके बाद ऑनलाइन फोन पे के माध्यम से जीतेंद्र के खाते से 48 हजार और गोविंद के खाते से 11 हजार रुपये निकाल लिए। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने उस नंबर पर कॉल किया तो वह जान से मारने की धमकी देने लगा।
ठग ने डॉक्टर के खाते से की 9272 रुपये की शॉपिंग
एसएन मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजिस्ट डॉ. हरेंद्र यादव के खाते से साइबर ठग ने 11 बार में 9272 रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग कर ली। डॉक्टर का कहना है कि उनके पास न तो फोन आया, न ही उन्होंने किसी से वन टाइम पासवर्ड ( ओटीपी ) साझा किया। उन्होंने एक्सिस बैंक की शाहगंज शाखा के प्रबंधक से इसकी शिकायत कर जांच कराने के लिए कहा है।
रोज नए हथकंडे आजमा रहे साइबर अपराधी
साइबर सेल के प्रभारी अमित कुमार का कहना है कि कभी लॉटरी, कभी उपहार तो कभी कुछ और, साइबर अपराधी रोज नए हथकंडे आजमा रहे हैं, लेकिन एक बात कॉमन है कि वे लालच देते हैं। अगर आप खाते, ओटीपी, पिन, सीवीवी की जानकारी साझा नहीं करते हैं को ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं।
कई बार आपको लगता है कि आपने फोन पर जानकारी नहीं दी, लेकिन साइबर अपराधी दूसरे तरीकों से जानकारी ले लेते हैं। जैसे आपको कोई लिंक भेज देंगे, इनसे भी बचना चाहिए।