साइबर अपराधियों ने एक महिला से 30 लाख रुपये की ठगी कर ली। एक आरोपी ने खुद को यूके का डाॅक्टर बनकर इंस्टाग्राम पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर दोस्ती कर ली। बाद में दिवाली पर गिफ्ट भेजने का झांसा दिया। बाद में उसके साथियों ने व्हाट्सएप काॅल पर पार्सल में अवैध वस्तुएं पकड़े जाने का डर दिखाया। पीड़िता के घर पर कस्टम, सीबीआई, पुलिस और आयकर विभाग की रेड कराने की धमकी देकर 30 लाख रुपये खाते में जमा करा लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की।
थाना छत्ता निवासी मेघा गुप्ता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 17 अक्तूबर को इंस्टाग्राम आईडी पर एक व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। उसने अपना नाम डॉ. खान और खुद को यूके का निवासी बताया। वह इंस्टाग्राम के माध्यम से चैट करने लगा। उन्होंने उसे अपना नंबर भी दे दिया।
एक दिन डाॅ. खान ने व्हाट्सएप पर काॅल किया। कहा कि वह दिवाली के लिए गिफ्ट भेजना चाहता है। इसके लिए एक पार्सल कर रहा है, जिसमें 25 तोला सोना, एक आईफोन, दो लेडीज सूट, एक पर्स और 2500 पाउंड रखे हैं मगर मेघा को विश्वास नहीं हुआ। वे इसे धोखा समझने लगीं। इस पर डाॅ. खान ने अपने डायरेक्टर से भी बात कराई। इस दाैरान वीडियो काॅल भी किया। कहा कि वो पार्सल देख सकती हैं। इससे उनको विश्वास हो गया।
कुछ दिन बाद व्हाट्सएप पर दूसरा कॉल आया। काॅल करने वाले ने कहा कि मैं कस्टम विभाग से बोल रहा है। बताया कि आपके नाम से एक पार्सल आया है। इसमें अवैध सामान रखा हुआ है। आपके खिलाफ कार्रवाई होगी। इससे वो घबरा गईं। धमकी दी गई कि पार्सल छुड़ाया नहीं गया तो आयकर, कस्टम, पुलिस और सीबीआई घर में छापा मारेगी। पति को पकड़कर ले जाएगी और एनकाउंटर में जान से मार दिया जाएगा।
इस पर मेघा दहशत में आ गईं। आरोपी उनसे लगातार रकम मांगने लसे। उनके पास इतने रुपये नहीं थे। इसके बाद कई लोगों ने काॅल करके परेशान करना शुरू कर दिया। उन्होंने परिवार को जानकारी दिए बिना 25 तोले सोने के जेवर बेच दिए। इसके अलावा कुछ रुपये दोस्तों से लेकर आरोपी के खाते में जमा कराए। बाद में उन्होंने थाना साइबर क्राइम थाने में शिकायत की। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि केस दर्ज कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
अनजान दोस्तों से रहें सावधान
डीसीपी सिटी ने बताया कि साइबर अपराधी रोजाना नए-नए तरीके अपना रहे हैं। वह सोशल मीडिया की मदद से दोस्ती करते हैं। इस तरह की फ्रेंड रिक्वेस्ट आने पर लोगों को विश्वास नहीं करना चाहिए। सोशल मीडिया पर अनजान दोस्तों से सावधान रहें। उनकी बातों में नहीं आए। अपनी निजी जानकारी साझा न करें। अगर कोई काॅल करके पुलिस-सीबीआई का डर दिखाता है तो समझ जाएं ठगी होने वाली है। साइबर ठगी होने पर 1930 पर काॅल करें। अपने नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस खाते और मोबाइल नंबरों की जानकारी करके कार्रवाई करती है।