साइबर अपराधियों ने फार्मा कंपनी के प्रतिनिधि को अपना शिकार बना लिया। प्रतिनिधि ने अपना पुराना सोफा बेचने का विज्ञापन ओएलएक्स पर दिया था। उनके पास एक कॉल आया। रुपये भेजने के बजाय उनके खाते से 18 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। पीड़ित ने ऑनलाइन साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।
कोड स्कैन करने को कहा
इसके बाद गूगल पे का नंबर पूछने लगा। विवेक ने नंबर बता दिया। रविवार को सुबह कॉल आया। यह कॉल व्हाट्सएप पर था। उसने कहा कि रुपये भेज रहा है। क्यूआर कोड स्कैन कर लेना। एकाउंट की जांच के लिए दो रुपये पहले खाते से कटेेंगे। बाद में दोबारा कोड स्कैन करने पर आ जाएंगे। विवेक ने ऐसा ही किया। उनके खाते में कटने के बाद फिर से रुपये आ गए। कुछ देर बाद फिर से कोड आया। इस पर नौ हजार रुपये विवेक के खाते से कट गए। मगर, आए नहीं। इस पर विवेक ने पूछा। मगर, उससे कहा कि दोबारा कोड भेज रहे हैं, आ जाएंगे। इस बार भी नौ हजार कट गए। शक होने पर विवेक ने पूछताछ की। इस पर आरोपी ने कॉल काट दिया। पीड़ित ने ऑनलाइन शिकायत की है। इसी तरह सिकंदरा की एक महिला ने मकान बेचने का विज्ञापन दिया था। उनके पास कॉल आया। कॉल करने वाले ने मकान की एडवांस में रकम भेजने का झांसा दिया। ऑनलाइन ई वॉलेट का नंबर पूछा। रकम भेजने के बजाय खाते से निकाल ली। पीड़िता पुलिस से शिकायत करेंगी।
ये भी पढ़ें...
वृंदावन: शरद पूर्णिमा पर विशेष पोशाक धारण करेंगे श्रीबांकेबिहारी, जानिए शृंगार में क्या होगा खास