सीबीआई अफसर बताकर साइबर अपराधियों ने सेवानिवृत्त पेशकार को ठग लिया। दुष्कर्म में बेटे की गिरफ्तारी का झांसा देकर 4 लाख रुपये खातों में जमा करा लिए। कॉल करने के दौरान आरोपियों ने बेटे की आवाज सुनाकर परिवार को दहशत में भी डाल दिया। जेल भेजने का डर दिखाकर रकम ली। मामले में साइबर सेल ने 4 महीने में जांच पूरी की। इसके बाद थाना सिकंदरा में केस दर्ज किया गया है।
सिकंदरा निवासी देव प्रकाश शर्मा दीवानी न्यायालय में पेशकार थे। वह आकाशवाणी और ताज महोत्सव से भी जुड़े हैं। 26 मार्च को उनका छोटा बेटा दिल्ली गया था। दोपहर में एक बजे देव प्रकाश के पास व्हाट्सएप कॉल आई। बात करने वाले ने कहा कि वह सीबीआई दफ्तर दिल्ली से बोल रहे हैं। अपने को अफसर और नाम राजेश कुमार बताया। कहा कि आपका बेटा दुष्कर्म में फंस गया है।
फोन पर बेटे की आवाज भी सुनाई। इसमें किसी के रोने और चिल्लाने की आवाज आ रही थी। वह कह रहा था कि पापा मुझे इनसे बचा लो। इन्होंने मुझे बहुत मारा है। उन्हें लगा कि बेटा रो रहा है। वह डर गए। कहने लगे कि किसी तरह बेटे को छोड़ दो। उनसे 4 बार में खातों में 4 लाख रुपये जमा करा लिए गए। कॉल भी नहीं कटने दिया। बाद में बेटे का फोन आया। उसने बताया कि उसे कोई परेशानी नहीं है। इस पर उन्हें ठगी का पता चला।
साइबर सेल पुलिस की लापरवाही
देव प्रकाश शर्मा का कहना है कि साइबर सेल पुलिस ने भी लापरवाही की। पुलिस ने मुकदमा नहीं लिखा। साइबर सेल की रिपोर्ट का इंतजार करती रही। जांच पूरी होने पर 4 महीने बाद केस लिखा गया। मगर, अब आरोपियों के खाते में रकम नहीं बची है।
एआई का कर रहे इस्तेमाल
आशंका है कि साइबर ठगों ने पिता को बेटे की आवाज सुनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया होगा। इससे आवाज बनाकर सुनाई होगी। पुलिस अभी इसकी जांच कर रही है।