ससुरालियों को बताया सॉफ्टवेयर इंजीनियर
पुलिस ने बताया कि आरोपी प्रवीन कुमार बीबीए पास है। उसकी शादी को एक साल हो चुके हैं। उसने ससुरालियों को बताया था कि वह साफ्टवेयर इंजीनियर हैं। मगर, दो साल से लोगों को ठगी का शिकार बना रहा है। इस बात की जानकारी परिवार के लोगों को भी नहीं थी। पुलिस ने पकड़ा तो उसकी हकीकत पता चली।
बनाता था कंपनी के नाम से मिलती जुलती ईमेल आईडी
थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि आरोपी प्रवीन कुमार सिंह गोडैडी से डोमेन खरीदता था। इसके बाद पब्लिक सेक्टर यूनिट के नाम से मिलती जुलती अपनी ईमेल आईडी बनाता था। जब लोग विज्ञापन देखकर उससे बात करते थे, तो कंपनी से मिलती जुलती आईडी से ईमेल आने पर विश्वास करने लगते थे। लोग यही समझते थे कि कंपनी का ईमेल है।
लोगों से कहता था कि नौकरी लग जाएगी। पहले सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी। इसके बाद ट्रेनिंग शुल्क और मेस शुल्क के नाम पर रकम जमा कराता था। बाद में कमीशन की मांग करता था। वह आज तक किसी की नौकरी नहीं लगवा सका है। खातों में पैसा जमा होने के बाद जन सेवा केंद्र की मदद से निकाल लेता था। उसने पूछताछ में 19 लोगों से धोखाधड़ी की बात कबूल की है। उसके खाते में तकरीबन 20 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है। उसने कई खाते भी खोल रखे थे। जो रुपये मिलते थे, उससे अपने खर्च पूरे करता था। इसके अलावा उसने हाल ही में मकान भी बनवाया है।
यह हुई बरामदगी
23 हजार रुपये, तीन मोबाइल, दो-दो फर्जी पेन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, मेट्रो के आईडी कार्ड, एलएंडटी का आईडी कार्ड, नियुक्ति पत्र, दो एटीएम कार्ड, असली एक पेन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड बरामद हुआ।
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