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साइबर अपराध : तीन महीने में 10 करोड़ रुपये की ठगी, 50 गिरफ्तार, बरामदी सिफर

Thu, 25 Mar 2021 11:42 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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साइबर सुरक्षा - फोटो : amar ujala
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तीन महीने में पुलिस ने 10 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले 50 साइबर अपराधी पकड़े हैं। लेकिन इनसे ठगी रुपये बरामद नहीं कर पाई।  साइबर अपराधी बीमा पॉलिसी का लाभ दिलाने, बेरोजगारों युवकों की नौकरी लगवाने, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, एटीएम कार्ड ब्लाक होने का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।
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रेंज साइबर थाना पुलिस और जिले की साइबर सेल ने तीन महीने में तकरीबन 50 ऐसे ही अपराधी पकड़कर जेल भेजे हैं। पुलिस के दावे के मुताबिक, इन गैंग ने सैकड़ों लोगों से तकरीबन दस करोड़ की धनराशि खातों में जमा करके निकाल ली। मगर, बरामदगी की बात करें तो यह न के बराबर हुई।
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यह गैंग हो चुके हैं गिरफ्तार
- 30 दिसंबर 2020 को बाह और पिनाहट के बीहड़ से हेलो गैंग के आठ सदस्य पकड़े गए। वह नौकरी का झांसा देकर खाते में रकम जमा कराते थे। पुलिस का दावा है कि गैंग ने 500 लोगों से तकरीबन 25 लाख रुपये की ठगी की। बरामद सिर्फ मोबाइल, सिम और लैपटॉप हुए।

- दो जनवरी को मास्क और सैनिटाइजर की फोटो भेजकर ठगी करने वाला गैंग पकड़ा गया। गैंग में सरगना सहित पांच सदस्य थे। यह गैंग मथुरा के गोवर्धन चौराहा से पकड़ा गया था। आरोपी इंटरनेट से कई फर्म की जानकारी लेते थे। कॉल करके मास्क और सैनिटाइजर भेजने का झांसा देकर रकम जमा करा लेते थे। इसके बाद फोन बंद कर लेते थे। रकम बरामदगी नहीं।

- सात जनवरी को हेलो गैंग के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया। गैंग चंबल के बीहड़ के गांव भगतनपुरा से पकड़ा गया। पुलिस ने दावा किया गैंग ने 500 लोगों से ठगी की है। खातों में नौकरी और रिवार्ड प्वाइंट दिलवाने के नाम पर रकम जमा कराते थे। इसके बाद खातों से निकालते थे। उनसे रकम बरामद नहीं हो सकी।

- 26 जनवरी को नोएडा एसटीएफ ने लोगों से एक करोड़ की ठगी करने वाले चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया था। गैंग के सदस्य क्रेडिट कार्ड लेने वालों को फोन करते थे। उनके कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर जानकारी लेते थे। इसके बाद फर्जी शॉपिंग साइट पर जानकारी भरकर खाते से निकाल लेते थे। बाद में गैंग को डाटा उपलब्ध कराने वाली महिला भी पकड़ी गई थी। बरामदगी 6.59 लाख रुपये, मोबाइल, कार और लैपटॉप ही थे।

- 31 जनवरी को इंटरनेट मीडिया पर नौकरी का विज्ञापन देकर ठगी करने वाले गैंग के कीर्तिराम उर्फ गिरजाशंकर सहित सात सदस्यों को पिनाहट के बीहड़ से गिरफ्तार किया था। आरोपियों से रकम बरामदगी नहीं हुई।

- 17 मार्च को ऑनलाइन जॉब पोर्टल से बेरोजगार युवाओं का डाटा लेकर फोन पर मल्टी नेशनल कंपनी में नौकरी का झांसा देकर 50 हजार तक खाते में जमा कराने वाला दिल्ली का गैंग पकड़ा गया। पुलिस का दावा कि गैंग ने दो साल में तकरीबन ढाई करोड़ की ठगी की। सरगना दिल्ली का मनोज था। गैंग के दो और सदस्य पकड़े गए। आरोपियों से 6.83 लाख रुपये और एक कार बरामद की।

- 18 मार्च को इंडियन नेवी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गैंग के सरगना पवन और उसके साथी करतार को बाह में पुलिस ने गिरफ्तार किया। वह एक युवक की नौकरी लगवाने के नाम पर छह लाख लेते थे। पुलिस को 12 लाख से अधिक की ठगी की शिकायत मिली। रकम बरामदगी नहीं।
 
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बैंक खाते कराए जाते हैं सीज
रेंज साइबर थाना के एक्सपर्ट चेतन भारद्वाज ने बताया कि साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद उनके खातों को चेक किया जाता है। खातों में रकम मिलने पर सीज करा दिया जाता है। ज्यादातर मामलों में आरोपी खातों में जमा रकम निकाल चुके होते हैं। ऐसे में अपराध से अर्जित उनकी संपत्ति के बारे में पता किया जाता है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाती है।

कुछ घंटे में मिली सूचना, रकम हो गई वापस
एक साल में पुलिस ने 10 लाख रुपये की रकम पीड़ितों को वापस कराई। यह रकम साइबर अपराधियों ने निकाल ली थी। पुलिस को कुछ घंटे में सूचना दे दी गई। इससे खाते में जमा रकम को बचा लिया गया।

पुलिस चला रही जागरूकता अभियान 
पुलिस आगरा रेंज के अलग-अलग गांव में जागरूकता अभियान चला रही है। लोगों को साइबर अपराध से बचने के बारे मेें जागरूक किया जा रहा है। वहीं जिन गांव से अपराधी पकड़े जा रहे हैं, वहां भी पुलिस टीम जा रही है। युवाओं को बताया जा रहा है कि वह अपराध से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी दें।
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