शमसाबाद। थाना क्षेत्र के कुतकपुर गांव में शनिवार रात कूलर के तार से कमरे में करंट फैलने से पति-पत्नी की माैत हाे गई। इस दर्दनाक हादसे से हंसते-खेलते परिवार में चीख-पुकार मच गई। चार मासूम बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया। घटना के बाद से पूरा गांव शोक में डूबा है।
गांव कुतकपुर निवासी 35 वर्षीय जगदीश उम्र लगभग 35 वर्ष गांव में ही परचून की दुकान चलाते थे। खेती भी करते थे। ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार देर रात जगदीश दुकान बंद कर घर लौटे। खाना खाने के बाद वह और उनकी पत्नी शशि (32) कमरे में सोने चले गए। कमरे में कूलर चल रहा था। रात में दंपति जब गहरी नींद में थे, तब अचानक बिजली के बोर्ड से निकला एक तार पास ही रखे संदूक पर गिर गया। कमरे में करंट फैल गया। करंट लगने से जगदीश और उनकी पत्नी शशि की मौके पर ही मौत हो गई। दर्दनाक हादसे के बाद पूरा गांव गमगीन है। कई घरों में चूल्हें नहीं जले।
सुबह दरवाजा न खुलने पर चला पता
रविवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो जगदीश की मां लज्जा देवी कमरे में पहुंचीं। कमरे के अंदर पलंग पर पति-पत्नी के शव पड़े हुए थे। इस दर्दनाक हादसे चार मासूम बच्चों के सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। घटना से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। मामले में शमसाबाद पुलिस का कहना है कि दंपती के शव का पोस्टमार्टम कराया है।
ग्रामीणों का मानना है कि संदूक पर तार गिरने से पहले जगदीश को करंट लगा और उन्हें बचाने के प्रयास में पत्नी शशि भी करंट की चपेट में आ गईं। बताया गया है कि उसी पलंग पर दाे बच्चे 3 वर्षीय बेटा हेमंत और 6 वर्षीय बेटी मोना भी सो रहे थे। माता-पिता से कूछ दूरी पर सोने की वजह से दोनों बच्चे करंट की चपेट में आने बच गए, जबकि जगदीश का 10 वर्षीय बेटा शाैर्य दूसरे मकान में सो रहा था और 13 साल की बेटी सोना हाॅस्टल में रहती है।
इसका रखें ध्यान
- कूलर में पानी भरते समय या उसकी सफाई करते समय हमेशा प्लग निकाल दें।
- कूलर की बॉडी में करंट आने की आशंका होने पर तुरंत उसका उपयोग बंद कर दें।
- कूलर को ऐसी जगह रखें जहां वह सीधे बारिश के पानी के संपर्क में न आए।
- कूलर के पंप और मोटर की नियमित जांच करवाएं ताकि कोई खराबी न हो। यदि कूलर में कोई आवाज या असामान्य गंध आए तो तुरंत बिजली आपूर्ति बंद करें।
ये है जरूरी
- पुराने या क्षतिग्रस्त तारों का उपयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
- बिजली के उपकरणों को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए।
- गीले हाथों से कभी भी बिजली के स्विच या प्लग को न छुएं।
- किसी भी उपकरण में खराबी आने पर तुरंत योग्य इलेक्ट्रीशियन से जांच करवाएं।
बिजली के उपकरणों से बचाव के उपाय
घर में बिजली के सभी कनेक्शनों की अर्थिंग ठीक से होनी चाहिए। यह सुनिश्चित करें कि सभी स्विच और सॉकेट अच्छी गुणवत्ता के हों और खुले न हों। पानी के पास बिजली के उपकरण इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतें। कूलर या अन्य पानी वाले उपकरणों को छूने से पहले मेन स्विच बंद कर दें। बिजली के तारों को खुला न छोड़ें और उन्हें चूहे या अन्य कीटों से बचाएं।
मृतक जगदीश का फाइल फोटो