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UP: सरकारी जमीन पर फिर बो दी फसल...हवा में उड़ाए आदेश, 300 हेक्टेयर पर गेहूं-आलू की खेती; नोटिस दिए गए

Mon, 17 Nov 2025 09:32 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में तहसील प्रशासन की रोक के बावजूद सींगना और जुगसेना में सरकारी भूमि पर खेती की गई। 
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गेहूं की खेती
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विस्तार
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आगरा के सींगना और जुगसेना में सरकारी भूमि पर गेहूं, सरसों और आलू की आड़ में कब्जे की फसल की बुआई हो गई है। प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। हिदायत भी हवा में उड़ा दी गई। रविवार को एसडीएम किरावली ने भूमि सीमांकन के लिए छह सदस्यीय कमेटी बनाई। तहसीलदार ने फसल बुआई करने वालों को नोटिस जारी किए हैं।
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रुनकता स्थित यमुना किनारे सींगना और जुगसेना गांव हैं। यहां गाटा संख्या 461 व 588 में करीब 300 हेक्टेयर भूमि यमुना खादर के नाम से सरकारी रिकाॅर्ड में दर्ज है। इसके पास ही करीब 16 हेक्टेयर किसानों की निजी जमीन है। वर्ष 2024 में यहां करीब 350 हेक्टेयर भूमि पर विभिन्न फसलों की बुआई कर दी गई थी। जिसे हटाने के निर्देश तहसील प्रशासन ने दिए थे। किसानाें ने खड़ी फसल काटने की मोहलत देने का हवाला दिया था। जिसके बाद फसल नीलाम की गई। नीलामी में फसल बुआई करने वालों के एक गुट ने खरीदी थी। जिसके बाद डीएम ने हिदायत दी थी कि भविष्य में सरकारी जमीन पर कोई फसल नहीं बोई जाए।

प्रशासन के आदेशों को हवा उड़ाते हुए फिर यहां गेहूं, आलू व सरसों की फसल बुआई कर दी गई है। बाकी हिस्से में बुआई जारी है। एसडीएम किरावली नीलम तिवारी ने बताया कि सरकारी भूमि पर फसल बुआई करना गलत है। कुछ किसानों का कहना है कि यहां उनकी निजी भूमि भी है। ऐसे में सरकारी भूमि का चिह्नांकन कराने के लिए छह सदस्यीय कमेटी बनाई है। दोनों गांव में मुनादी कराई जा रही है। कोई फसल नहीं बोए। तहसीलदार ने फसल बुआई करने वालों को नोटिस जारी किए हैं। सोमवार को दोनों गांव में टीम भेजी जाएगी।
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