वन्यजीवों का होता है संरक्षण
आगरा जनपद के बाह से लेकर इटावा जनपद तक चंबल नदी को घड़ियाल, मगरमच्छ, कछुओं एवं डाल्फिन मछली के संरक्षण की दृष्टि से सेंक्चुरी घोषित किया गया है। घड़ियाल एवं मगरमच्छ अपने अंडे बालू में ही देते हैं। उनके प्रजनन को किसी तरह से नुकसान न पहुंचे इसलिए पूरे क्षेत्र में खनन, मछलियों का शिकार प्रतिबंधित है। हैचिंग के वक्त मगरमच्छ हिंसक हो जाते हैं। चंबल सेंक्चुरी का काफी क्षेत्र राजस्थान में आता है।
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