खंदौली
के गांव लालगढ़ी के लोगों ने बताया कि गांव का राजू तकरीबन दो साल से
परचून की दुकान में देशी शराब बेच रहा था। ठेका गांव से तीन किलोमीटर दूर
है। ठेके पर पौव्वे की कीमत 25 रुपये है, जबकि राजू 90 रुपये वसूलता है।
सप्लाई बांस दलेल का अवधेश करता था। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस की शह से
जहरीली शराब बेची जा रही थी। राजू से महीनेदारी लेने चीता के दो सिपाही आते
हैं। वह एक हजार रुपये प्रतिमाह पुलिस को देता था। कई दफा ग्रामीणों ने
राजू का विरोध भी किया था। उधर, हाथरस रोड के कोल्ड स्टोरों में काम करने
वाले मजदूरों को सस्ती शराब ढाबों से लेकर खोखों तक में मिल जाती है।
प्रकाश कोल्ड स्टोर में शराब पीने वाले दुर्योधन के साथी राजेंद्र ने बताया
कि शराब आसपास के ढाबों पर मिल जाती है।
छह माह पहले राजू को थाने से छोड़ा था
परचून
की दुकान में देशी शराब बेचने वाले राजू को पुलिस ने छह माह पहले शराब
समेत पकड़ लिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि उसे 10 हजार रुपये राजू को
छोड़ दिया गया था। इसके बाद तो राजू ने थाने में ही सेटिंग कर ली। अगर
पुलिस उस वक्त ही राजू के खिलाफ कार्रवाई करती तो शायद चार लोगों की जिंदगी
दांव पर नहीं लगती।
शमसाबाद प्रकरण में नौ दिन बाद कार्रवाई
शमसाबाद में जहरीले शराब पीने से हुई पांच लोगों की मौत के मामले में नौ दिन बाद फतेहाबाद के एसडीएम अरुण कुमार को हटा दिया गया है। उनके स्थान एसीएम तृतीय झब्बर प्रसाद को भेजा गया है। वहीं, एसएसपी राजेश डी. मोदक ने खंदौली के जहरीली शराब प्रकरण में हल्का इंचार्ज एसआई अनिल कुमार और बीट के तीन सिपाहियों अखिलेश, सर्वेश और श्यामवीर सिंह को निलंबित कर दिया है। उन्होंने बताया कि इलाके में अवैध रूप से शराब की बिक्री होने की जानकारी नहीं देने और लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की गई है।
जहरीली शराब पीने से जिले में लोग दम तोड़ते जा रहे और अधिकारियों ने मामले को हल्के में लिया। 26 जून को पहली दो मौतों के बाद तो कोई वरिष्ठ अधिकारी जांच को नहीं पहुंचा। जब शमसाबाद ब्लाक के तीन और लोगों की मौत हुई तब अफसरों की नींद टूटी। इसके बाद खंदौली की घटना ने उनके होश उड़ा दिए। मामला उत्तराखंड से जुड़ने के बाद प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया। रविवार शाम को पुलिस लाइन में जिलाधिकारी पंकज कुमार और एसएसपी राजेश मोदक की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई। इसमें सभी एसपी, एडीएम, एसडीएम, एसपीएम और क्षेत्राधिकारी और आबकारी विभाग के अधिकारी शामिल हुए। डीएम ने अवैध शराब बनाने वालों के सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 24 घंटे के अंदर अवैध शराब के कारोबारियों पर लगाम लगाई जाए।