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एक पेड़ के लिए 3 साल में चार कत्ल, अब प्रधानपति को गोलियों से भूना

Wed, 20 Sep 2017 02:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला बाह (आगरा)
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हत्या - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में यमुना के बीहड़ में बसे एक गांव में एक पेड़ के लिए खून बहाया जा रहा है। दो पक्षों की रंजिश में बीते तीन साल में चार लोगों की हत्या हो चुकी है। मंगलवार को एक प्रधानपति को दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया गया। 
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बता दें कि यमुना के बीहड़ में बसे बाह के गांव विक्रमपुर की प्रधान नीलम यादव के पति हरेंद्र सिंह मुखिया (38) की मंगलवार शाम को बाह में बाइक सवारों ने रंजिशन गोली मारकर हत्या कर दी। दुस्साहसिक वारदात के बाद हमलावर फायरिंग करते हुये भाग निकले। 

बताया गया है कि हरेंद्र सिंह मुखिया अपने साथी बंटी के साथ बाइक से बिजौली जा रहे थे। मंगलवार शाम छह बजे बिजौली रोड पर शराब ठेके के पास बाइक और टेंपो टकराने को लेकर विवाद को सुलझाने के लिए बाइक खड़ी की। इसी दौरान एक बाइक पर सवार तीन और दूसरी बाइक पर सवार एक युवक वहां पहुंचे। 
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बाइक सवार तीन लोगों ने पीछे से हरेंद्र की गर्दन पर गोली मारी, जबकि साथी बंटी ने दुबककर जान बचाई। हरेंद्र सिंह मुखिया बाइक छोड़कर भागे तो हमलावरों ने पकड़कर एक के बाद एक तीन गोलियां कनपटी, गर्दन और सिर में मार दी, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई।

ये है पूरा विवाद

मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बताया गया है कि हमलावर फायरिंग करते हुए बिजौली गांव की ओर भाग गए। हत्या की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने  गांव के ही अल्केंद्र पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है। इनसे हरेंद्र पक्ष की रंजिश चल रही है। 

गांव में एक खेत अल्केंद्र का है तो दूसरा हरेंद्र सिंह मुखिया का। दोनों खेतों के बीच में मेढ़ है। इस मेढ़ पर खड़ा है बबूल का पेड़। इसी पेड़ के लिए तीन साल में चार इंसानों का खून हो चुका है। दोनों पक्ष पेड़ पर अपना दावा किए हैं। लड़ाई पेड़ से शुरू हुई थी, अब मूंछों की हो चुकी है। 
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पुलिस के सामने भी चलीं गोलियां

मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
2014 में अल्केन्द्र और हरेंद्र सिंह मुखिया पक्ष के बीच खेत की मेढ़ पर खडे़ बबूल के पेड़ के विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि दोनों पक्ष आमने- सामने आ गये और जमकर गोली चलीं। इसमें अल्केन्द्र पक्ष की पूनम की हत्या हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों में 2015 में टकराव हुआ। इस बार विजयपाल की हत्या हुई। आरोप- प्रत्यारोप लगे।

पिछले साल हरेंद्र सिंह के पिता जगदीश मुखिया की हत्या हुई। आरोप अल्केन्द्र पक्ष पर लगा। तनाव के चलते गांव में पीएसी तैनात हुई, लेकिन पीएसी ही नहीं पुलिस की मौजूदगी में गांव में कई फायरिंग हुई। खूनी रंजिश का सिलसिले में मंगलवार शाम हरेंद्र सिंह मुखिया की हत्या हो गई। 
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