फीरोजाबाद के चर्चित कोयला घोटाले के एक आरोपी उद्योगपति बासित अली का ठिकाना मालूम करने में 16 साल लग गए। वह फीरोजाबाद में अपनी तीन आलीशान कोठी बेचकर विदेश चला गया था। इसके बाद वापस आकर दिल्ली में रहने लगा। अब विजिलेंस ने उसकी कोठी ढूंढ निकाली। इस पर कुर्की पूर्व वारंट भी चस्पा कर दिया गया है। विजिलेंस को कुर्की का आदेश मिलने का इंतजार है।
घोटाला 1994 से 96 में हुआ था। दरअसल, इससे पूर्व ही सुप्रीम कोर्ट ने ताज ट्रिपेजियम जोन ( टीटीजेड) में कारखानों में कोयले के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद जिला उद्योग केंद्र से सेटिंग कर कई फर्म सरकार से सस्ती दरों पर सब्सिडाइज कोयला लेकर बाजार में महंगी दरों पर बेचती रहीं।
इनमें ही फीरोजाबाद के बासित अली की फर्म विशंबर प्रोपर्टीज शामिल थी। घोटाले की रिपोर्ट 2001 में फीरोजाबाद के दक्षिण थाना में दर्ज हुई थी। बासित अली मूल रूप से फीरोजाबाद के ही सीरग्रान रसूलपुर का रहने वाला है। फरार होने के बाद विदेश भाग गया था।
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि वह फिलहाल दिल्ली के जकिया नगर में बटला हाउस चौक के पास मेडिकल सेंटर वाली गली के जोगाबाई मार्केट में मकान नंबर 161/10 में रहता है। उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट है। विजिलेंस अधिकारी उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रहे हैं लेकिन हाथ नहीं आ रहा है।