शहर मेें सराफ से ताबड़तोड़ लूट की वारदात को राजस्थान के इनामी बदमाशों का गैंग अंजाम दे रहा है। जेल से रिहाई के बाद गैंग की सक्रियता बढ़ गई है। वारदात के बाद बीहड़ में अपना ठिकाना बना लिया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रांशु ज्वैलर्स के मालिक पिता-पुुत्र से लूट के बाद पुलिस को इस बारे में ठोस सुराग मिले हैं। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई है।
बता दें कि 21 जून को कमला नगर निवासी सराफ रिंकू बंसल से विजय नगर कालोनी में बाइक सवार पांच बदमाशों ने 1.62 करोड़ रुपये के जेवरात लूट लिए थे। नौ जुलाई को आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर पांच में बदमाशों ने प्रांशु ज्वैलर्स के मालिक अशोक कुमार सोनी और उनके बेटे संदीप से सोना-चांदी के लगभग 30 लाख के जेवरात और 60 हजार रुपये लूटकर सनसनी फैला दी थी। वारदात का अंदाज एक जैसा होने के कारण किसी एक ही गैंग का हाथ होने की संभावना जताई गई। सीसीटीवी फुटेज में एक बदमाश का चेहरा साफ हुआ। पुलिस टीम भरतपुर भी गई। सूत्रों ने बताया कि राजस्थान का एक गैंग सराफ से लूट की वारदात को अंजाम देता है।
2012 में इसी गैंग ने आगरा में वारदात की थीं। पुलिस ने गैंग के दो बदमाशों को जेल भेजा था। 2014 में वह जमानत पर छूट गए। गैंग ने फिर सक्रिय हो गया। कुछ महीने पहले राजस्थान में दो सराफ को लूटा था। इसमें नाम सामने आने के बाद दोनों पर वहां की पुलिस ने इनाम घोषित किया। पुलिस टीम भरतपुर और धौलपुर गई। हालांकि गैंग का ठिकाना नहीं मिला। बताया गया है कि बदमाशों ने बीहड़ में ठिकाना बना लिया है। उनकी पकड़ करना आसान नहीं है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बदमाशों की धरपकड़ के लिए टीम को लगाया गया है।
पर्स लूट में दो सिपाही सस्पेंड
आगरा। विजय नगर में इंजीनियर युवती के साथ पर्स लूट की घटना में लापरवाही बरतने पर एसएसपी राजेश डी. मोडक ने चीता मोबाइल के दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है। बता दें, ताजगंज की रहने वाली निशा जैन का बैग विजय नगर में दस जुलाई की शाम को बाइक सवार दो बदमाशों ने लूट लिया था। सिपाहियों ने लूट की सूचना अधिकारियों को नहीं दी। दिन में चीता मोबाइल की गश्त पर कांस्टेबिल राकेश कुमार और लेखराज की ड्यूटी थी। एसएसपी ने लापरवाही बरतने पर दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया।
डीजीपी साहब, लूट होती रही तो कैसे करेंगे व्यापार
आगरा। शहर में एक के बाद एक हो रही लूट की वारदातों से डरे सहमे व्यापारी सोमवार को डीआईजी से मिलने के बाद मंगलवार को अपनी सुरक्षा की गुहार लेकर डीजीपी जगमोहन यादव से मिलने लखनऊ पहुंचे। उन्होंने बेहिचक कहा कि आगरा पुलिस न तो वारदात रोक पा रही है, और न ही खुलासा कर पा रही है। दो घटनाओं दो करोड़ के गहने लुट गए और लुटेरे सीसीटीवी में कैद होने के बावजूद पुलिस की पकड़ से दूर हैं। कानून व्यवस्था इतनी बिगड़ गई है कि अब तो व्यापारी शहर छोड़कर कहीं और जाकर बसने की सोच रहे हैं।
व्यापारी गुस्से से भरे हुए थे। सवाल पर सवाल दागे चले गए और डीजीपी चुपचाप सुनते रहे। प्रदेश सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष एमसी जैन और आगरा के संयुक्त महामंत्री अजय अवागढ़ ने कहा बदमाशों ने व्यापारियों को सॉफ्ट टारगेट बना लिया है। घर हो या बाजार, सभी जगह खतरा है। एक वारदात खुलती नहीं, दूसरी हो जाती है। लूट का विरोध करो तो गोली खाने को तैयार रहो। न जान सुरक्षित है और न माल। उन्होंने डीजीपी से पूछा कि ऐसा कब तक चलेगा? व्यापारी आंदोलन को मजबूर हैं, बाजार बंद करने के सिवाय चारा नहीं बचा।
डीजीपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि सभी घटनाओं का खुलासा होगा और इसमें ज्यादा समय नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि वे व्यापारियों की सभी समस्याओं पर फिर से मीटिंग करेंगे। इनका समाधान कराया जाएगा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि वे जल्द ही डीजीपी से दोबारा मुलाकात करेंगे। इस दौरान पीड़ित आगरा के सर्राफ अशोक सोनी का पत्र भी सौंपा गया।