आगरा के फतेहाबाद में बवाल की असली जड़ हमलावरों को बचाना रहा। युवक की हत्या करने वाले भाइयों को ग्रमीणों की भीड़ ने पकड़ लिया था। वे उनकी जान लेने पर आमादा थे। इसी दौरान पहुंची पुलिस ने हमलावरों को छुड़ाने का प्रयास किया तो भीड़ ने पुलिस को भी नहीं छोड़ा। पुलिस कर्मियों की दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई की। एक हमलावर को जान से मार दिया।
बता दें कि सोमवार रात को नाथूराम वर्मा समर सिंह और उसके भाई सुधीर के साथ गांव नहरा नाहरगंज आए थे। वहां एक अन्य कार में कुछ और लोग मौजूद थे। गांव में आने के बाद इन दोनों भाइयों ने ही नाथूराम की गोली मारकर हत्या कर दी। गांव के पास फायरिंग की आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे ग्रामीण आ गए। उन्होंने हमलावरों को घेर लिया। समर सिंह और सुधीर की जमकर पिटाई की। इधर दूसरी कार में सवार लोग पैदल भाग खड़े हुए।
ग्रामीणों ने हमलावरों की कार को यमुना में फेंक दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों को छुड़ाने का प्रयास किया तो आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट कर दी। बाद में आई पीआरवी नंबर 59 में आए सिपाही को जमकर पीटा। यह देखकर पुलिस कर्मी जान बचाकर भाग निकले।
ग्रामीणों ने पीआरवी में भी आग लगा दी। घटना की जानकारी पर आसपास के थानों की फोर्स पहुंची तो उसने ग्रामीणों को खदेड़ दिया। डीएम गौरव दयाल और एसएसपी दिनेश चंद्र दुबे आ गए। इधर ग्रामीणों की पिटाई से घायल हुए एक आरोपी सुधीर सिंह की मौत हो गई। वहीं समर सिंह मौका पाकर भाग गया।