ओडिशा के नक्सल प्रभावित इलाकों से भी ताजनगरी में गांजा लाया जा रहा है। खेतों से माल लाकर ट्रकों और टैंकरों में लोड कराकर भेज दिया जाता है। खरीदार माल लेने के बाद दोगुने से अधिक दामों में फुटकर में बेच देते हैं। इसके बाद पुड़िया बनाकर लोगों को बिक्री किया जाता है। थाना सिकंदरा क्षेत्र में विशेष कार्यबल (एसटीएफ) की पकड़ में आए तीन आरोपियों से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है।
एसटीएफ ने शुक्रवार रात को सिकंदरा क्षेत्र में टैंकर से 505 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। तीन आरोपी प्रशांत कुशवाहा, रामेश्वर मीणा और रघुवेंद्र सिंह पकड़े गए थे। वहीं मथुरा के बल्देव निवासी ध्रुव और रवेंद्र के नाम आए थे। ये फरार हैं। गिरफ्तार आरोपियों से एसटीएफ ने पूछताछ की।
उन्होंने बताया कि ओडिशा के टीटलागढ़ के जंगल में काना कूरा नाम का व्यक्ति गांजा की बिक्री करता है। यह पूरा इलाका नक्सल प्रभावित है। जंगल में अवैध तरीके से गांजा की खेती होती है। गांजा को खेतों से लाकर बाहर रख दिया जाता है। इसको एक व्यक्ति वाहनों में लोड करा देता है। पेमेंट ऑनलाइन कर दिया जाता है।