ट्रांसपोर्ट कंपनी बनाकर साइबर ठगी करने वाले तीन गिरोह पुलिस तीन महीने में पकड़ चुकी है। आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। मगर, एक भी गिरोह से रकम बरामद नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के सरगना और सदस्य रकम से मकान, कार खरीदते हैं। मगर, इनको भी जब्त नहीं किया गया है।
अंकुश तोमर ने भी तीन मंजिला मकान बनवाया है। उसके पास कार भी है। मगर, यह कार अपने रिश्तेदार के नाम पर खरीदी है। उस पर दो मुकदमे दर्ज हैं। वहीं रामवतार का भी तीन मंजिला मकान है। वह राजस्थान पुलिस का इनामी भी है। उसके बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है।
यह हुई थी घटना
गिर्राज शर्मा और प्रवीन अग्रवाल ने एसएसपी से शिकायत की थी। गिर्राज शर्मा ने लॉक डाउन में महाराष्ट्र से प्याज मंगाने के लिए जस्ट डायल पर ट्रांसपोर्टर की खोज की थी। उनसे 50 हजार रुपये खाते में जमा करा लिए गए थे।
इसी तरह प्रवीन अग्रवाल ने सरिया मुरैना से अलीगढ़ मंगवाने के लिए संपर्क किया था। उनसे 12 हजार रुपये जमा करा लिए गए थे। पुलिस ने चार अगस्त को गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ के बाद चार और आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्य प्रिंस एंटरप्राइजेज, युवराज रोड लाइंस, मूवमेंट लॉजिस्टिक, सहज एंटरप्राइजेज, यूएन इंडिया एक्सपोर्ट, श्री अंबे ट्रांसपोर्ट, श्रीराम देव ट्रांसपोर्ट कंपनी, कपिल शर्मा ट्रेडर्स, एसवीएमआर लाजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड, शिवा एंटरप्राइजेज, मूवर्स एंड पैकर्स, एपीआर एटंरप्राइजेज, बिंदल ट्रांस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड आदि नाम से ओएलएक्स, ई ट्रक और जस्ट डायल पर पंजीकरण कराते हैं।
इन पर मोबाइल नंबर देकर रखते हैं। जो लोग काल करके जानकारी मांगते हैं, उन्हें कम कीमत में मॉल पहुंचाने का झांसा देते हैं। आनलाइन रकम को एडवांस में जमा करा लिया जाता है। आरोपियों ने यूनियन बैंक, केनरा बैंक, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, सिंडीकेट बैंक, यूबीआई, ओबीसी, आईडीबीआई, सीबीआई, बीओबी, आईसीआईसीआई बैंक में खाते खुलवाए थे।
- रामवतार निवासी बाईंपुर, सिकंदरा। गिरोह के लिए बैंक खाता और सिम उपलब्ध कराता था।
- अंकुश तोमर निवासी चंदन नगर, एत्माद्दौला। गिरोह का मुख्य सरगना।
- नीरज उर्फ नन्हे निवासी रायभा, किरावली। खाते उपलब्ध कराता था। खातों में ऑनलाइन जमा होने वाली रकम को निकालता था।
- बबलू शर्मा निवासी श्याम नगर, थाना एत्माद्दौला। बैंक खाते उपलब्ध कराता था।
फरार आरोपी
- मयंक गौतम निवासी काननवन रेजीडेंसी, कालिंदी विहार।
यह हुई बरामदगी
पुलिस ने बताया कि छह मोबाइल बरामद हुए हैं। 24 बैंक खाते हैं। बैंक खाते बंद कर दिए हैं। नौ बैंक खाते हाल में चालू थे। दो आधार कार्ड, पेन कार्ड, एक बाइक बरामद की गई है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक थाना एत्माद्दौला उदयवीर मलिक, प्रभारी साइबर सेल प्रदीप कुमार, एसआई विनीत राणा, एसआई अमित कुमार, बबलू कुमार, विजय तोमर, जितेंद्र बाबू, इंतजार और कुलदीप रहे।