आगरा में कागारौल के एक गांव की पंचायत का फरमान चर्चा में है। पंचों ने घर से बहलाकर ले जाई गई किशोरी के परिवार को ही गांव निकाला दे दिया। ऐसे ही मैनपुरी में भी पंचायत का तुगलकी फरमान एक दुष्कर्म पीड़िता की जिंदगी बर्बाद कर चुका है।
दो साल पहले जिस आरोपी ने युवती के साथ दुष्कर्म किया था। पंचायत के बाद उसी से उसकी शादी करा दी गई थी। बाद में आरोपी ने रेप पीड़िता को ही जान से मारने की कोशिश की। अब अपनी जान बचाकर पीड़िता अपने मायके में रह रही है।
बताया गया है कि मैनपुरी के एक गांव में 19 जून 2015 को एक युवती को गांव दिहुली निवासी गौरव साथी सोनू निवासी गांव मनौना और एक अज्ञात की मदद से अगवा कर ले गया था। नगला धर्मपाल के बाहर बने प्राइवेट नलकूप पर युवती के साथ तीनों आरोपियों ने गैंगरेप किया था। ग्रामीणों के आ जाने पर आरोपी वहां से भाग गए थे।
युवती ने इस घटना के बाद पेड़ से फांसी लगाकर जान देने की कोशिश भी की थी लेकिन छज्जे से पैर फिसलने की वजह से वह बरामदे में गिरकर घायल हो गई थी। बाद में आगरा रेफर किया था। 21 जून को युवती के परिवारीजनों ने बरनाहल थाने में अभियोग पंजीकृत कराया था।