एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी अवधेश शर्मा और सुरजीत पंथी हैं। अवधेश ने भोपाल की केंद्रीय जेल में गिरोह बनाया था। सुरजीत पंथी मोबाइल नेटवर्किंग कंपनी में नौकरी करता था।
आगरा की थाना एत्माद्दौला पुलिस ने बीएसएनएल के अधिकारी बनकर डॉक्टरों से ठगी की कोशिश करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने एपेक्स हॉस्पिटल के निदेशक को बीएसएनएल के कर्मचारियों के कैशलेस इलाज की सुविधा वाले पैनल में शामिल कराने का झांसा दिया। इसके लिए 30 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। हॉस्पिटल संचालक ने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद आरोपियों को पकड़ लिया गया।
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एपेक्स हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. अनिल कुमार यादव के पास 14 अक्तूबर को फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को बीएसएनएल का जनरल मैनेजर बताया। कहा कि बीएसएनएल के कर्मचारियों के कैशलेस इलाज के लिए उनके अस्पताल को कान्ट्रैक्ट दिलवा सकते हैं। इससे काफी मुनाफा होगा। यह तीन वर्ष का होगा। उसने इसके लिए 30 लाख रुपये मांगे।
मामले में निदेशक ने शनिवार को एसएसपी बबलू कुमार से शिकायत की। इस पर थाना एत्माद्दौला में मुकदमा दर्ज किया गया। डॉक्टर से फोन करने वाले का नंबर लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। इसमें तीन आरोपियों के नाम सामने आए। पुलिस ने रविवार को रामबाग पार्क के सामने से दो आरोपी पकड़ लिए।
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भोपाल केंद्रीय जेल में बना था गिरोह
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि दो आरोपियों में अवधेश शर्मा और सुरजीत पंथी हैं। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि सुरजीत पंथी एक मोबाइल नेटवर्किंग कंपनी में नौकरी करता है। उसे सिमकार्ड आसानी से मिल जाते हैं। अवधेश को 15 जून 2019 को भोपाल सिटी के साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जेल भेजा था। उसने फर्जी खाते खुलवाए थे। आठ आरोपी भी पकड़े गए।
भोपाल केंद्रीय जेल में उसकी मुलाकात पहले से बंद रमेश प्रजापति से हुई। वह भी ठगी में जेल भेजा गया था। उसे भोपाल क्राइम ब्रांच ने पकड़ा था। जमानत पर रिहा होने के बाद दोनों आगरा आ गए। ताजगंज क्षेत्र के एक होटल में फर्जी आईडी लगाकर रुके थे। यहां पर डॉक्टरों से ठगी के लिए जाल बिछाया था। रमेश फरार हो गया, जबकि अन्य दोनों पकड़े गए। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार, एसआई मनवीर सिंह, अजय कुमार, दुर्गा प्रसाद रहे।
मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं आरोपी
अवधेश शर्मा गांव जतावर, थाना सिविल लाइंस, मुरैना, मध्य प्रदेश का रहने वाला है। इस समय सीपी कॉलोनी, नाग देवता मंदिर के पास, थाना मुरार ग्वालियर में रहता है। वहीं सुरजीत पंथी गर्म गड्ढा रोड, चांद बड़, थाना बजरिया, भोपाल का रहने वाला है। आरोपियों के पास से 13 नए सिमकार्ड, दो पुराने सिमकार्ड और दो बीएसएनएल कंपनी के फर्जी प्रपत्र, फर्जी आधार कार्ड आदि सामान बरामद हुआ है।
थाना एत्माद्दौला पुलिस ने बताया कि अवधेश के पास एक वोटर आईडी कार्ड मिला। उस पर नाम प्रशांत विश्वास लिखा है, जबकि फोटो अवधेश की है। वह जब भी ठगी करने जाता था, तब फर्जी वोटर कार्ड को दिखाकर अपना नाम प्रशांत बताता था। फरार आरोपी रमेश प्रजापति गोरखपुर का रहने वाला है। उसी ने डॉक्टरों से ठगी के लिए योजना तैयार की थी।
पूर्व में वह इस तरह की वारदात कर चुका है। बीएसएनएल के कागजात डॉक्टर को ठगने के लिए तैयार किए थे। इन पर हस्ताक्षर रमेश ने किए थे। वह चिकित्सकों को झांसा देते हैं। तीन साल के लिए पैनल में आने में मुनाफे का झांसा देकर ठगते हैं। काल करने के लिए नए सिम का इस्तेमाल करते हैं।
एक डॉक्टर से बात करने के बाद उसे तोड़कर भी फेंक देते हैं। इसके बाद दूसरा सिम इस्तेमाल करते हैं। सिमकार्ड सुरजीत पंथी लेकर आता था। आरोपियों ने आगरा और मथुरा के कई और डॉक्टरों को कॉल किया था। इसकी शिकायत थाना सदर में भी की गई है। पुलिस साइबर सेल की मदद से जांच कर रही थी।