अजय के छोटे भाई विजय से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बता दिया कि ईशू की हत्या अजय ने ही की है। सोमवार की सुबह सर बिलाल स्कूल के पास प्रेमनगर स्थित कैंटीन के पास से अजय को गिरफ्तार कर लिया। अजय चक से पूछताछ तो अजय ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
अजय ने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी मोहल्ले के कुछ युवकों से फोन पर बात करती थी। इसके बारे में बेटी से पूछा तो उसने मना कर दिया। बौखलाकर उसने 315 बोर के तमंचे से बेटी के दाएं तरफ सिर में सटा कर गोली मार दी।
परिवार के सभी सदस्यों को धमकी दी कि यदि किसी ने सच बोला तो उसका भी यही हाल किया जाएगा। बाद में ड्रामा करते हुए गली में फायर किया और तमंचा घर में ही छिपा दिया। तमंचा भी बरामद कर लिया है। आरोपी पिता को जेल भेज दिया है।
युवकों पर लगाए आरोप निराधार निकले
आरोपी ने बेटी के साथ छेड़छाड़ और रंजिशन हत्या का आरोप तीन नामजद और तीन अज्ञात युवकों पर लगाते हुए हत्या और एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने एक अन्य सहित नामजद तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया था। आईजी ए सतीश गणेश ने बताया कि पुलिस की जांच में किशोरी से छेड़छाड़ और रंजिशन युवकों पर लगाए हत्या के आरोप गलत साबित हुए।