खंदारी में छह महीने के भीतर दूसरा डबल मर्डर हुआ है। पहले मां-बेटी। और अब पति-पत्नी। दोनों का तरीका लगभग एक जैसा रहा है। मां-बेटी की हत्या में करीबी का हाथ पाया गया था। पुलिस को शक है कि दंपति हत्याकांड में भी कोई जानकार शामिल हो सकता है। इसकी दो वजह हैं। एक तो लग रहा है कि हत्या का प्लान पहले से नहीं था। इसलिए वहीं लॉन से फावड़ा उठाकर दोनों को मार डाला।
शक है कि दंपति ने पहचान कर ली थी। इसलिए हत्या की गई। दूसरा, अवनीश ग्रोवर के बेडरूम के अलावा कहीं और लूट नहीं की गई। उनके बेटे के कमरे को छुआ तक नहीं गया। उनके बेडरूम में नगदी और जेवरात लूटे गए। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि बदमाशों ने ट्रेडिंग की फाइलें खोलकर देखीं। इन्हें कमरे में फेंक रखा था।
इसे देखकर पुलिस को लगता है जैसे बदमाश कोई दस्तावेज ढूंढ रहे थे। इसके अलावा लोहे की एक अलमारी के पास कई चाबियां मिलीं। बदमाश अलमारी खोलना चाहते थे। इसकी चाबी तलाश की लेकिन नहीं मिली। हालांकि ग्रोवर परिवार ने किसी पर शक जाहिर नहीं किया है।
कड़े, अंगूठी, चेन नहीं लूटे
आगरा। ऊषा ग्रोवर ने सोने के कड़े और अंगूठी और चेन पहन रखे थे। बदमाशों ने इन्हें नहीं लूटा। अवनीश ग्रोवर के बेडरूम के अलावा बाकी किसी कमरे में लूटपाट का प्रयास भी नहीं किया गया।
ठेकेदार से घंटों पूछताछ
आगरा। अवनीश ग्रोवर के घर निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार से पुलिस ने घंटों पूछताछ की। उससे हत्या के बारे में कोई जानकारी हासिल नहीं हो सकी। पुलिस मजदूरों से भी पूछताछ करेगी।
मुझे किसी पर शक नहीं है - गिरीश
गिरीश कुमार ग्रोवर ने बताया कि उन्हें किसी पर शक नहीं है। उन्होंने मजदूरों को दिवाली पर छुट्टी दे दी थी। फिलहाल घर में निर्माण कार्य नहीं चल रहा था। यह लूटपाट के लिए हत्या का मामला है।
गेट पर पड़ा था खून: रमेश
घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे रमेश महाजन ने बताया कि अवनीश को मॉर्निंग वॉक पर न देखकर उन्होंने फोन किया। स्विच ऑफ मिला तो चांद दिवान के साथ घर जाकर देखा। वहां गेट पर खून पड़ा था लेकिन लाशें नजर नहीं आ रही थीं।
किसी से कोई रंजिश नहीं : कौशल
मृतक अवनीश ग्रोवर के भाई कौशल ग्रोवर ने बताया कि उनके पूरे परिवार का न तो किसी से विवाद है और न ही कोई रंजिश। अवनीश का कभी किसी से कोई झगड़ा भी नहीं हुआ।