शमसाबाद थाना पर तैनात सिपाही अजय यादव की थाना से बमुश्किल 500 मीटर दूरी पर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक सवार हमलावर उनकी पिस्टल भी लूट ले गए। एक हमलावर ने उनके हाथ पकड़ लिए थे। दूसरे ने सटाकर सीने में गोली मारी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई है। वारदात में किसी परिचित का हाथ माना जा रहा है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि तीन हमलावरों में से एक सिपाही की बाइक पर ही बैठा था। दो दूसरी बाइक पर थे। थाना के पास आने पर उनमें कहासुनी हुई, जो गुत्थम गुत्था में बदल गई। इसकेबाद गोली मार दी गई। मौके पर आईजी सुजीत पांडे भी पहुंचे। पुलिस फिलहाल हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है।
अजय यादव 2005 बैच के सिपाही थे। मूल रूप से मैनपुरी के किशनी के चांदा गांव के रहने वाले थे। उनके भाई दिनेश यादव भी सिपाही हैं। वह कन्नौज में तैनात हैं। पिता की मृत्यु हो चुकी है। वह सेना में सूबेदार रहे थे। अजय यादव बुधवार रात करीब सात बजे थाना शमसाबाद से थोड़ी दूरी पर लगे मेले से वापस थाना आ रहे रहे थे।
वह सिविल यूनिफार्म में थे। शमसाबाद-फतेहाबाद बाइपास के रजाखेड़ा रोड पर स्थित गढ़ीथाना पर यह वारदात हुई। अजय यादव की बाइक पर पीछे एक युवक बैठा था। साथ चल रही अपाचे बाइक पर दो और युवक थे। चारों में बातें हो रही थीं। तभी कहासुनी होने लगी। चश्मदीद दुकानदार ने बताया कि चारों बाइक से उतर गए। एक युवक ने अजय के हाथ पकड़ लिए। दूसरे ने उन पर पिस्टल तान दी। अजय ने भागने की कोशिश की लेकिन उन्होंने छोड़ा नहीं। एक और ने पकड़ लिया।
तभी सीने से सटाकर उन्हें गोली मार दी गई। दुकानदार से 7:20 बजे यूपी - 100 को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक हमलावर भाग चुके थे। अजय को आगरा के जीजी नर्सिग होम लाया गया। यहां डाक्टरों ने मृत बताया। उधर, पुलिस ने बताया कि अजय साथ में पिस्टल रखते थे। यह नहीं मिली है। माना जा रहा है कि हमलावर इसे लूट ले गए । उसकी बाइक मौके पर मिली है।
--। सिपाहियों ने लगाया अफसर पर आरोप
आगरा। साथी की हत्या से भड़केदो सिपाहियों ने वारदात के लिए एक पुलिस अधिकारी को जिम्मेदार ठहरा दिया। उन्होंने जीजी नर्सिंग होम पर रोते हुए चीख चीखकर कहा कि उन्हें लगातार बदमाश पकड़ने और वारदात खोलने का टारगेट दिया जा रहा था। धमकी दी जा रही थी कि इसे पूरा न करने पर कार्रवाई होगी। इसके चलते बगैर साक्ष्य के भी लोग पकड़ने पड़ रहे थे। इसी से रंजिश हुई जिसमें हत्या हो गई।
--। बहादुरी के लिए मिला था अजय को पुरुस्कार
अजय यादव एक साल पहले तक आगरा शहर के थानों में तैनात रहे। क्राइम ब्रांच में भी काम किया। कई बड़ी घटनाओं के खुलासे में अहम रोल रहा। इसके लिए उन्हें एसएसपी ने पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया था। उनका एक साल पहले ही शमसाबाद तबादला हुआ था। उनका परिवार आगरा में इंफ्रैट्र्ी पुलिस चौकी के पास रहता है। उनकी हत्या का पता चलते ही पत्नी शगुन का रो रोकर बुरा हाल हो गया। उनका एक बेटा है।