आगरा में ताजगंज के देवरी रोड स्थित मोहल्ला कोटली बगीची में रविवार की शाम झूठी शान की खातिर बीएससी सेकेंड ईयर की छात्रा की हत्या की पूरी साजिश मालूम कर लिए जाने का दावा किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह साफ हो गया है कि साजिश नंदिनी के फरार चल रहे ताऊ रामवीर ने रची थी। वह मुख्य आरोपी है। उसकी तलाश तेज कर दी गई है। रामवीर की पत्नी वीरवती भी आरोपी है। वह अस्पताल में भर्ती है। उसे ठीक होते ही पकड़ लिया जाएगा।
ताजगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पूछताछ में यह बात सामने आई है कि नंदिनी से सुइसाइड नोट उसे तमंचा दिखाकर लिखवाया गया था। यह अभी तक बरामद नहीं हुआ है। इसके बाद भाई करणवीर ने उसका गला दबाया था।
इसमें घर का नौकर चंदन मिस्त्री भी शामिल रहा था। इसके बाद पिता, ताऊ और नौकर ने उसका शव फंदे पर लटकाया था। शव के साथ फोटो भी खिंचवाया, ताकि बाद में कह सकें कि उसने सुइसाइड किया।
पेट्रोल डालकर फूंकी थी लाश
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि नंदिनी की लाश पेट्रोल डालकर फूंकी गई थी। उसकी हत्या से पहले ही खेत में चिता तैयार कर ली गई थी। हत्या के बाद उसके शव को परिवार के लोग गोदी में उठाकर ही ले गए थे। शाम सात बजे शव फूंका गया था।
पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। अब लाश फूंककर साक्ष्य मिटाने के आरोप में सात और लोग चिह्नित किए गए हैं। इस तरह मुकदमे में 12 आरोपी हो गए हैं। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। आरोपियों की कुल संख्या 20 तक पहुंच सकती है।
अपने ही जाल में फंसे आरोपी
पुलिस ने हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में नंदनी के पिता भरतवीर, भाई ललितवीर, करणवीर और घर के नौकर चंदन मिस्त्री को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने नंदिनी की हत्या को खुदकुशी साबित करने के लिए उसके फंदे पर लटके शव के साथ फोटो भी खींचे थे। ये फोटो पुलिस को दिखाए। इसमें नंदनी के गले पर कोई निशान नजर नहीं आ रहा है। फंदा इस तरह से लगा है जिससे मृत्यू नहीं हो सकती।