आगरा के रोहता स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा में 15 दिसंबर को 56.94 लाख रुपये की डकैती बैंक के अस्थायी कर्मचारी ने डलवाई थी। पुलिस ने बैंक कर्मचारी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद सोमवार को डकैती कांड का खुलासा कर दिया। आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।
आरोपियों के पास से 32 लाख रुपये कैश बरामद किया गया है। चार आरोपी फरार हैं। इनकी धरपकड़ के लिए पुलिस दबिश दे रही है। एडीजी अजय आनंद ने बताया कि जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर डकैती की बाकी रकम को बरामद किया जाएगा।
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थाना सदर क्षेत्र के रोहता स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा में 15 दिसंबर को 56.94 लाख रुपये की डकैती डाली गई थी। वारदात के बाद बदमाश रोहता गांव होते हुए भाग गए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में देखा तो इसमें बदमाश नजर आ गए थे। इसी सुराग से पुलिस बदमाशों तक पहुंच गई।
ऐसे लुटेरों तक पहुंची पुलिस
खेरिया मोड़ से जगनेर रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरे में बाइक सवार दो बदमाश नजर आए। एक का चेहरा कुछ साफ नजर आ रहा था। इसकी पहचान खंदारी निवासी सनी जाटव के रूप में हुई। पुलिस ने उसके बारे में पड़ताल की। उसका मोबाइल नंबर मिल गया। इस पर उसकी कॉल डिटेल चेक की।
पुलिस को खंदारी निवासी ठाकुरदास का नंबर मिला। ठाकुरदास बैंक कर्मचारी पुनीत का दोस्त निकला। पुनीत के मोबाइल में उसका नंबर मिला। पुनीत और ठाकुरदास में बातचीत होती है। इसके बाद पुलिस ने पुनीत से सख्ती से पूछताछ की तो रविवार को उसने डकैती डालने का राज खोल दिया।
पुलिस को घटना के बाद से ही पुनीत पर शक था। वह रो-रोकर बता रहा था कि बदमाशों ने उसे बहुत पीटा जबकि शरीर पर पिटाई के निशान नहीं थे। उससे लगातार पूछताछ चल रही थी लेकिन वह राज नहीं उगल रहा था। जब पुलिस के हाथ सुराग लगा तो उसने सारा सच उगल दिया।
पुलिस ने पुनीत कुमार उर्फ पीके, रंजीत पुत्र हजारीलाल, ठाकुरदास पुत्र बनवारी लाल, नीरज पत्नी मनोहर, रंजनी पत्नी ठाकुरदास निवासी खंदारी को गिरफ्तार किया है। सनी उर्फ सिद्धार्थ पुत्र ठाकुर सिंह निवासी नरीपुरा थाना शाहगंज, बंटी जाटव पुत्र महेश निवासी खंदारी, नरेंद्र कुमार पुत्र बनवारी लाल निवासी खंदारी, तेज सिंह निवासी ग्राम नगला प्रताप फरार हैं।