मैनपुरी। मनचलों को सबक सिखाने के लिए एंटी रोमियो स्क्वैड के गठन किए जाने के मुख्यमंत्री के आदेश जिले में फाइलों में दबकर रह गए हैं। हकीकत में कहीं भी स्क्वैड नजर नहीं आती। शहर में कई स्थानों पर अराजक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। पर, कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं होता।
भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलो में मनचलों को सबक सिखाने के लिए एंटी रोमियो स्क्वैड बनाने आदेश दिए थे। इस पर दबंगई दमन दल की टीम को एंटी रोमियो स्क्वैड की शक्ल दे दी गई। वह भी महज कुछ दिन बाद ही गायब हो गए।
हकीकत ये हैं कि अब एंटी रोमियो स्क्वैड जिले भर में कहीं भी नजर नहीं आती। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस स्क्वैड का गठन कभी किया ही नहीं गया था। औपचारिकता व आदेश पालन के लिए एक एसआई को महिला पुलिसकर्मियों के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बाद अधिकारी बदले तो नए नियम बन गए। एंटी रोमियो स्क्वैड फाइलों में दबकर रह गई। अब मनचलों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए सिर्फ महिला थाना की पुलिस ही कभी कभार नजर आती है।
शहर में पंजाबी कालोनी का मुख्य गेट, हरिदर्शन नगर स्थित कोचिंग सेंटर, देवी रोड, मोहल्ला मिश्राना समेत कई स्थानों पर अराजक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। महिलाओं व छात्राओं से आए दिन छेड़खानी की घटनाएं भी होती हैं। पर, कार्रवाई के नाम पर पुलिस कुछ भी नहीं करती है। जिस वजह से मनचलों के हौसले बुलंद हैं।
पूर्व में मनचलों को सबक सिखाने के लिए शक्ति परी टीम का गठन भी हुआ था। कुछ दिनों तक महिला पुलिसकर्मी बाइकों पर घूमते हुए मनचलों को सबक सिखाते भी नजर आई। मगर यह टीम भी ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकी।