मैनपुरी। सराफ राजेश वर्मा की हत्या के खुलासे की मांग को लेकर नौ से दिन बंद चल रहा भोगांव का सराफा बाजार रविवार को खुला। बाजार खुलते ही ग्राहकों की भी भीड़ नजर आई।
उल्लेखनीय है कि आठ जून को भोगांव में सराफा व्यापारी की हत्या के बाद आक्रोशित व्यापारी सड़कों पर उतर आए थे। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कसबा के सभी बाजार बंद कर दिए थे।
हालांकि आईजी ने स्वयं मौके पर आकर व्यापारियों को हत्याकांड का शीघ्र खुलासा होने का आश्वासन दिया था। लेकिन वो फिर भी नहीं माने थे। शनिवार को मैनपुरी-इटावा पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए पांच बदमाशों और माल खरीदने वालों को गिरफ्तार किया। तब व्यापारियों ने रविवार को बाजार खोला।
सराफा व्यापारी और बदमाशों का गठजोड़ सामने आया
बेवर और भोगांव में सराफा लूटकांड के खुलासे में एक नया गठजोड़ सराफा और बदमाशों के बीच का सामने आया। दोनों ही वारदातों में लूटा गया माल एक दो दिन बाद ही सराफा व्यापारियों को बेच दिया गया। इनमें से भोगांव लूट का माल तो शहर में ही बेचा गया। वहीं बेवर में लूटा गया माल फर्रुखाबाद में बेचा गया।
पिछले एक माह में सराफा व्यापारियों के साथ दो बड़ी वारदातें हुईं। इनमें एक बेवर में दूसरी भोगांव में हुई। बेवर में बदमाशों ने सराफा व्यापारी सर्वेश पाल को घायल कर लूटा हुआ माल फर्रुखाबाद के सराफा व्यापारी पप्पू और उसके पुत्र को बेचा था। भोगांव में सराफ राजेश की हत्या करने के बाद लूटा गया माल बदमाशों ने शहर के ही सराफा व्यापारी रामकुमार को बेच दिया था।
दोनों ही सराफा व्यापारियों के अपराधियों से नजदीकी संबंधों का भी खुलासा हुआ है। सूत्रों की मानें तो इससे पहले भी उमाशंकर के यहां पुलिस का छापा पड़ चुका है। तब भी उक्त सराफा कारोबारी के अपराधियों से गठजोड़ का खुलासा हुआ था।
वहीं बदमाशों ने भी खुलासा किया है कि वो पूर्व में भी लूट का माल उक्त व्यापारियों को बेचते रहे हैं। क्षत्रिय स्वर्णकार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील कुमार वर्मा का कहना है कि कुछ सराफा व्यापारी अपने निजी हित के चलते सभी व्यापारियों को बदनाम कर रहे हैं। शीघ्र ही संगठन की बैठक कर सराफा व्यापारियों को जागरूक किया जाएगा। वहीं गोविंद उफ लल्ला का पूरा परिवार ही है अपराधी
मैनपुरी। भोगांव में सराफा की हत्या और लूट में पकड़ा गया गोविंद उर्फ लला का पूरा परिवार ही आपराधिक प्रवृत्ति का है। गोविंद पांच भाई हैं और सभी लूट, मारपीट व चोरी में लिप्त रहते हैं।
इनके नाम हरिओम, अतुल, बल्ला और वीरेंद्र हैं। वीरेद्र को कुछ समय पहले ही लूट के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। यही नहीं उसकी पत्नी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बाद में उसके खिलाफ शातिभंग में कार्रवाई की गई थी। इसके अलावा सभी भाई थाना कोतवाली से विभिन्न वारदातों में वांछित चल रहे हैं।
दोनों ही वारदातों में लूट का माल सराफा व्यापारियों ने ही खरीदा है। भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए जिले के ऐसे सराफा व्यापारियों को चिह्नित किया जा रहा है जिनकी छवि खराब है या फिर पूर्व में उनके अपराधियों के संबंध सामने आते रहे हैं। उक्त व्यापारियों की सूची बनने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- ओपी सिंह, एएसपी