मैनपुरी। आबकारी विभाग में तैनात कैशियर के विरुद्ध शराब ठेका संचालक के साथ लाखों की धोखाधड़ी के मामले में रविवार को पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया। पहले अभियोग दर्ज नहीं हुआ था जब पीड़ित ने कोर्ट में प्रार्थना-पत्र दिया था।
थाना दन्नाहार क्षेत्र के गांव नौनेर निवासी नरेश चौहान को वर्ष 2016-17 में देशी शराब का ठेका आवंटित किया। छह लाख रुपये नकद कैशियर बाल किशन पांडेय ने जमा कर लिए थे। चुनाव प्रक्रिया के चलते 2017 जनवरी-फरवरी में माल न उठने से नरेश को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। मार्च में जब वह पिछला माल उठाने पहुंचा तो कैशियर ने उसे 63 हजार रुपये वापस करते हुए कहा कि मार्च में दूसरे टेंडर पडे़ंगे तब देखते हैं। तुम्हारा ठेका होगा या नहीं। जब बाकी पांच लाख 37 हजार की बात की तो कैशियर ने रजिस्टर फर्जी ढंग से मेंटेन कर लिए। नरेश के मुताबिक वह जब जब माल उठाने गया तब तब गेट पास पर गाड़ी का नंबर अंकित किया गया। मगर जो माल कैशियर ने गायब कर रसीदें बनाई हैं। उन पर कोई गाड़ी नंबर नहीं लिखा।
वह 28 अप्रैल को आबकारी विभाग गया तो कैशियर ने गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। कहा कि दोबारा रुपये मांगे तो ठेका निरस्त होगा। धोखाधड़ी के शिकार नरेश ने जब कोतवाली में शिकायत दर्ज करानी चाही तो उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। जिसके बाद उसने न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया था। रविवार को न्यायालय के आदेश पर आबकारी के कैशियर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की।