किशनी में हुए ऑनर किलिंग मामले में हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ करते एसपी
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किशनी। गांव नगला कले निवासी रूबी की हत्या सगे भाई व चाचा ने अन्य परिजनों के साथ मिलकर अंजाम दी थी। ऑनर किलिंग की इस वारदात का खुलासा करते हुए रविवार के एसपी अजय कुमार पांडेय ने गिरफ्तार आरोपी चाचा व भाई को जेल भेजा।
एसपी ने प्रेसवार्ता कर वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि भाई रूबी के अंर्तजातीय विवाह करने के बाद परिवार के लोग खुश नहीं थे। भाई सौरभ की शादी में भी अड़चन आ रही थी। जिस वजह से चाचा रामू ने भाई की शादी तय होने की बात कहते हुए रूबी को घर पर बुलाया था। वहां उसे दूसरी जगह शादी करने का दबाव बनाया।
वह राजी नहीं हुई तो उसका गला दबा दिया। बेहोश होने पर उसे छत से नीचे फेंक दिया था। ऑनर किलिंग को हादसा दिखाने के लिए यह लोग घायल को लेकर कानपुर तक गए। इस दौरान रूबी की मौत हो गई। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार भाई सौरभ व चाचा रामू को जेल भेजा गया है। अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।
ये था मामला
जालौन में कालपी क्षेत्र के गणेशगंज निवासी सुनील गुप्ता ने करीब तीन माह पूर्व थाना क्षेत्र के गांव नगला कले निवासी रूबी के साथ प्रेम विवाह कर लिया था। इस शादी से रूबी के परिवार के लोग खुश नहीं थे। दोनों लखनऊ में ही रह रहे थे। इस बीच चाचा रामू ने संपर्क कर भाई की शादी तय होने की बात कहते हुए रूबी से घर आने के लिए कहा था।
15 अक्तूबर को चाचा रामू सिंह उसे साजिश के तहत घर ले गए थे। इसके बाद जब पांच दिन तक सुनील की रूबी से बात नहीं हुई तो उसने किशनी पहुंच कर जानकारी ली। तब उसे पत्नी की हत्या किए जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद उसने रूबी के भाई सौरभ, चाचा रामू सिंह, पिता सूर्य प्रताप, बहन मनीषा व शिल्पी पर ऑनर किलिंग का आरोप लगाया था।