मैनपुरी। जीटी रोड पर व्यापारी बसंत की हत्या के बाद भीड़ ने आरोपियों को पकड़ने का कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भीड़ को आता देख आरोपी पास ही थाने में घुस गए थे। वारदात स्थल थाने से महज 50 मीटर दूर है। हालांकि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की बात कह रही है।
जीटी रोड पर थाने से 50 मीटर दूर स्थित पूर्व चेयरमैन की कोठी के पास भांजों ने मामा बसंत की ईंट से कूच कूचकर हत्या कर दी। वारदात के दौरान आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। हत्या करने के बाद आरोपी भागना चाहते थे, लेकिन लोगों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी भीड़ से बचने के लिए थाने में घुस गए। इसके बाद भीड़ कुछ देर वहां खड़ी रही। पुलिस ने जब तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया तब भीड़ वहां से छटी। बताया यह भी जा रहा है कि आरोपियों के पिता राजेश को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। लेकिन पुलिस ने अभी किसी का नाम उजागर नहीं किया।
सलहज को हक दिलाना चाहता था बहनोई
मोहल्ला कुंवरपुर निवासी बसंत शादीशुदा था। कुछ वर्ष पूर्व उसने लक्ष्मी नाम की एक महिला से दूसरी शादी कर ली थी। उसके साथ ही कस्बा स्थित मकान में रह रहा था। बहनोई राजेश बसंत की पहली पत्नी मंजू को उसका हक दिलाना चाहता था। बसंत की मां भी कुछ समय पूर्व मंजू के नाम मोहल्ला कुंवरपुर स्थित आधा मकान कर चुकीं थीं। बसंत उसका आधा हिस्सा खाली नहीं कर रहा था। इसको लेकर भी साले बहनोई के बीच तकरार की स्थिति बनी हुई थी। आए-दिन दोनों परिवारों के बीच झगड़े हुआ करते थे। बृहस्पतिवार को व्यापारिक प्रतिस्पर्धा और परिवार के विवाद ने खूनी रूप ले लिया।
पांच लोगों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज
थाने के पास हुए बसंत हत्याकांड में देर शाम बसंत की दूसरी पत्नी लक्ष्मी ने रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें मृतक के बहनोई राजेश, बहन उमा, भांजे जितेंद्र, धर्मेंद्र और शिवम को नामजद किया गया है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि भांजे शिवम द्वारा रुपये के लेनदेन को लेकर बसंत के सिर में पीछे से ईंट मारकर हत्या किए जाने की बात प्रकाश में आई है। नामजद चार आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। पांचवें आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।