कासगंज में सहावर तहसील क्षेत्र के गांव खुईदा बदनपुर में खेतों में चर रहे नौ गोवंश मर गए, जबकि सात की हालात बिगड़ गई। गोवंशों की मौत की सूचना पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। सहावर तहसील प्रशासन, पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग की टीमें गांव में मौके पर पहुंच गई। प्रथम दृष्टया पाया गया कि जहरीला चारा खाने से यह घटना हुई है। पूरे मामले की पड़ताल शुरू कर दी गई है।
पशु चिकित्सकों ने मृत गोवंशों का पोस्टमार्टम किया है, जबकि तड़पते गोंवशों का उपचार किया। उनकी हालत में सुधार हुआ है। बताया गया है कि ग्रामीण सुबह लगभग छह बजे गांव के समीप खेतों में टहलने निकले तो देखा कि अलग अलग क्षेत्र में तमाम गोवंश पड़े हुए हैं। जिनमें कई की मौत हो गई और कुछ तड़प रहे हैं। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी तत्काल सुन्नगढ़ी थाना पुलिस को दी। थाना प्रभारी सुभाष यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया।
डीएम सीपी सिंह के निर्देश पर एसडीएम सहावर अशोक कुमार एवं सीओ सहावर शैलेंद्र परिहार, प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अरविंद कुमार सागर, जिला कृषि अधिकारी सुमित कुमार चौहान टीमों के साथ मौके पर पहुंच गए। पशु चिकित्सकों ने तड़पते गोवंशों का आनन फानन में उपचार शुरू किया। ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। मरे गोवंशों का पोस्टमार्टम किया गया है।
प्रथम दृष्टया पाया गया कि जहरीले चारे के सेवन से गोवंश मरे हैं। पूछताछ में ग्रामीणों से जानकारी मिली कि कुछ दिन पहले ही ग्रमाणों ने मक्का और बाजरा की फसलों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया था। दवाएं कौन सी थी यह जानकारी किसानों को भी नहीं थीं। कृषि विभाग और पशु चिकित्सा विभाग जांच कर रहा है कि किस रसायन युक्त चारे से यह घटना हुई।
गोवंशों की मौत और उनकी हालत बिगडने की जानकारी मिली। तत्काल मौके पर पहुंचे। मरे गोवंशों को दफना दिया है। अन्य गोवंशों की हालत में सुधार है। ग्रामीणों को गोवंशों को संरक्षित करने के लिए जागरूक किया है। अशोक कुमार, एसडीएम सहावर।
जानकारी मिलते ही पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि यह गोवंश किसके थे। पालतू थे या निराश्रित इसकी जांच हो रही है। - शैलेंद्र परिहार, सीओ सहावर।
मरे गोवंशों का पोस्टमार्टम कराया गया है। उनका विसरा जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है। जिन गोवंशों की हालात बिगड़ी थी, उपचार के बाद उनकी हालात में सुधार हुआ है। - अरविंद कुमार सागर, सीवीओ।
किसान जागरूक रहे, फसलों में कम से कम कीटनाशक दवाओं का प्रयोग करें। गोवंशों की मौत जहरीला चारा खाने से होना पशु चिकित्सा विभाग ने बताया है। किसान जागरूकता के साथ दवाओं का छिड़काव करें। - सुमित कुमार चौहान, जिला कृषि अधिकारी।