सार
शोध छात्रा से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म मामले में आरोपी प्रोफेसर ने जमानत मांगी, जिसे जिला जज ने खारिज कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि प्रोफेसर ने सेमिनार के बहाने उसे अपने साथ ले जाकर दुष्कर्म किया।
आगरा में शोध छात्रा से शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण समेत अन्य आरोपों के मामले में सिकंदरा थाना क्षेत्र के राममोहन नगर निवासी आरोपी प्रोफेसर गौतम लाल बिहारी जैसवार ने अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। जिला जज संजय कुमार मलिक ने जमानत प्रार्थना पत्र खारिज करने का आदेश जारी किया।
थाना न्यू आगरा में दर्ज केस के अनुसार शोध छात्रा ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि वह डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित आईबीएस शिक्षण संस्थान में कार्यरत प्रोफेसर गौतम लाल बिहारी जैसवार के अधीन पीएचडी कर रही है। प्रोफेसर अवकाश वाले दिन भी पीड़िता को खंदारी कैंपस बुलाता था। सबसे पहले भाभा ऑटोमिक रिसर्च सेंटर मुंबई में आयोजित सेमिनार में भाग लेने के बहाने अपने साथ लेकर गया।
पीड़िता के कमरे में आकर जबरन दुष्कर्म किया। बाद में खजुराहो और बरसाना के होटल में भी ठहरने के दौरान शादी का वादा कर दुष्कर्म किया। इस तरह से दो वर्षों से शादी का वादा कर शारीरिक शोषण करता रहा। शादी की बात कहने पर बहाने बनाता रहा। दवाब बनाया तो उसने धमकी दी। कहा कि पीएचडी नहीं करने देगा। 26 अक्तूबर आईबीएफ शिक्षण संस्थान में पीड़िता के साथ मारपीट की। साक्ष्य मिटाने के उदेश्य से मोबाइल छीनकर तोड़ने की कोशिश की।
पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि 2022 में उनकी बहन का देहांत हो गया था। इस वजह से वह भावनात्मक रूप से कमजोर हो गई थी। आरोपी प्रोफेसर ने ब्रेन वाश कर कहा था कि वह पीड़िता को पसंद करता है। उसका अपनी पत्नी से कोई संबंध नहीं है। पीड़िता की नौकरी लगवाने और शादी करने का वादा करता रहा।