फ्लैट के लिए 37.50 लाख रुपये लेने के बावजूद करीब 10 साल तक कब्जा न देने के मामले में नालंदा बिल्डर्स के डायरेक्टरों को अदालत से राहत नहीं मिली। एडीजे-24 खुशतर दानिश की अदालत ने संतोष कटारा और राधेश्याम शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
लाखों रुपये लेने के बाद भी फ्लैट पर कब्जा नहीं देने के मामले में नालंदा बिल्डर्स के डायरेक्टर संतोष कटारा और राधेश्याम शर्मा ने अदालत में अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। एडीजे-24 खुशतर दानिश ने खारिज करने के आदेश दे दिए।
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थाना हरी पर्वत में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सिकंदरा थाना क्षेत्र के गैलाना रोड निर्भय नगर कॉलोनी निवासी आनंद कुमार अवस्थी ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि वर्ष 2013 में उन्होंने नालंदा बिल्डर्स की आवासीय योजना में फ्लैट खरीदने के लिए डायरेक्टरों से संपर्क किया।
37.50 लाख रुपये देकर फ्लैट बुक कराया। वर्ष 2017 में बिल्डर्स को फ्लैट का निर्माण पूर्ण कर कब्जा देना था। मगर 10 साल बाद भी न कब्जा दिया न रकम वापस की।