पीएसी ग्राउंड में मेट्रो के लिए की गई बैरीकेडिंग (फाइल)
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आगरा मेट्रो प्रकरण में अदालत ने पीएसी अधिकारियों को खसरा खतौनी दाखिल करने के आदेश दिए हैं। श्री ठाकुर जी रंगजी महाराज वृंदावन की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश चंद्र गुप्ता उर्फ बच्चू बाबू ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में वाद प्रस्तुत किया है। दावा है कि पीएसी की जिस जमीन पर मेट्रो का निर्माण हो रहा है। वह श्री ठाकुर रंग जी महाराज की है। जमीन पर श्री ठाकुर जी रंगजी महाराज का स्वामित्व है।
मामले में कमिश्नर, डीएम, पीएसी कमांडेंट और मेट्रो प्रशासन को पक्षकार बनाया गया है। कोर्ट में दिए प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया गया है कि उत्तर प्रदेश राज्य सरकार, पीएसी एवं मेट्रो आपस में साजिश करके अनावश्यक प्रार्थना पत्र देकर वादी के स्टे प्रार्थनापत्र, जिसमें मेट्रो कार्य रोकने की प्रार्थना की गई है, उसका उद्देश्य खत्म करना चाहते हैं।
स्टे के प्रार्थना पत्र पर शीघ्र सुनवाई का कोर्ट से आग्रह किया है। वादी की तरफ से कहा गया है कि गाटा संख्या 257 पर बिना किसी प्रमाण के आधार पर उसे पीएसी की भूमि बता मेट्रो प्रशासन तेजी से निर्माण कार्य करा रहा है, जबकि मेट्रो प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उसने किसी भूमि का अधिग्रहण नहीं किया है। शासन ने ही समस्त भूमि उपलब्ध कराई है। वही बता सकता है कि उनकी भूमि पर निर्माण हो रहा है या नहीं।
अधिवक्ता के आग्रह पर सिविल जज सीनियर डिवीजन ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए विपक्षीगण को भूमि से संबंधित खसरा खतौनी जमा कराने के आदेश दिए हैं।