उत्तर प्रदश के आगरा में दो सगे भाइयों की आत्महत्या के मामले में आरोपी दरोगा हरिओम अग्निहोत्री ने अदालत में जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। जिला जज विवेक संगल ने खारिज कर दिया। मामला बरहन थाना के गांव रूपधनु का है।
मामले के अनुसार बरहन थाने में जसवंत कुमार उर्फ पप्पू ने इंस्पेक्टर सादाबाद मुकेश कुमार और दरोगा हरिओम अग्निहोत्री के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि गांव रूपधनु निवासी उनके साले संजय सिंह और होमगार्ड प्रमोद सिंह ने सादाबाद पुलिस के उत्पीड़न से परेशान होकर 22 व 24 जून को आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने दरोगा को 25 जून को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। दरोगा ने जिला जज की अदालत में प्रार्थनापत्र दिया गया था। जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं ने तर्क दिए कि दरोगा की प्रताड़ना से परेशान होकर दोनों भाइयों ने आत्महत्या की। मृतक संजय के बड़े भाई होमगार्ड प्रमोद कुमार सिंह ने आत्महत्या से पूर्व सुसाइड नोट भी छोड़ा है।
जिसमें लिखा था कि पुलिस ने उनसे अपने छोटे भाई संजय को छोड़ने के लिए एक लाख रुपये की मांग की थी। पुलिस ने 10 हजार पहले लिए थे। 50,000 रुपये बाद में बैंक से निकालकर दिए। रुपये लेने के बाद भी दरोगा का उत्पीड़न कम नहीं हुआ। जिससे परेशान होकर मैं आत्महत्या कर रहा हूं। अधिवक्ताओं के तर्क पर जिला जज ने आरोपी दरोगा के जमानत प्रार्थनापत्र को खारिज करने के आदेश दिए।
इंस्पेक्टर को भी नहीं मिली अग्रिम जमानत
मुकदमे में फरार चल रहे तत्कालीन इंस्पेक्टर सादाबाद मुकेश कुमार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।