गवाहों से लंबी जिरह हुई। कोर्ट ने ठोस साक्ष्य के अभाव में राधा और उनके भतीजे सोनू को बरी कर दिया। साथ ही केस के वादी एवं मृतका खुशबू के ताऊ हरिकिशन निवासी इरादतनगर को बयान से मुकरने पर प्रकीर्ण वाद दर्ज कर नोटिस जारी किया है।
यह था मामला
इरादतनगर के नौहारिका निवासी हरिकिशन ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि भतीजी खुशबू की शादी वर्ष 2016 में सोनू से की थी। सोनू के चाचा भगवान सिंह धौलपुर के गांव बमचौली, मनिया निवासी थे। भगवान सिंह की मौत के बाद सोनू चाची राधा के साथ कमला नगर में रहने लगा। खुशबू साथ रहती थी।
आरोप लगाया था कि दहेज की मांग को लेकर सोनू खुशबू से मारपीट करता था। परेशान होकर खुशबू मायके आई। तीन अगस्त, 2020 को सोनू और राधा आए और उत्पीड़न नहीं करने का आश्वासन देकर खुशबू को ले गए।
आरोप था कि 23 नवंबर, 2020 को खुशबू के साथ पुन: मारपीट की गई। 27 नवंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में सोनू और उसकी चाची राधा को 28 नवंबर, 2020 को जेल भेजा गया। राधा को जब जेल से कोर्ट परिसर में लाया जाता था तब उनके हाथ में लड्डू गोपाल भी रहते थे।