इसमें प्रो. एसपी सिंह बघेल सहित साठ अन्य के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। मामला सुनवाई के लिए अपर जिला जज नवम एवं स्पेशल जज एमपी एमएलए कोर्ट जितेंद्र सिंह की अदालत में पहुंचा। बचाव पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ ने बताया कि प्रो. एसपी सिंह बघेल सहित अन्य लोगों को गलत ढंग से आरोपी बनाया गया है जबकि इनका कोई दोष नहीं है।
शासन की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजेश यादव ने अपना पक्ष रखा। पुलिस बवाल एवं लूट आदि का कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी। न्यायाधीश ने सभी पक्षों को सुनने के साथ मजबूत साक्ष्य के अभाव में केंद्रीय विधि एवं कानून राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल सहित साठ अन्य को दोषमुक्त करार दिया है।