आगरा नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव में नामांकन दाखिल करने और फिर सदन का बहिष्कार करने वाले भाजपा पार्षद उमेश पेरवानी को 6 साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और पार्षद दल से निष्कासित कर दिया गया।
मंगलवार को शहर अध्यक्ष भानु महाजन ने अनुशासनहीनता के आरोप में वार्ड 77 के पार्षद उमेश पेरवानी के खिलाफ ये कार्रवाई की। उमेश पेरवानी ने कार्यकारिणी चुनाव में बहिष्कार के बाद मेयर नवीन जैन के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया था, जिसकी शिकायतें लगातार लखनऊ तक पहुंच रहीं थी।
नगर निगम सदन में बहिष्कार और जबरन नामांकन दाखिल करने की जिद पर अड़े उमेश पेरवानी को पार्षद दल के उपनेता मोहन सिंह लोधी और मुख्य सचेतक प्रकाश केसवानी ने 30 दिसंबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
उमेश पेरवानी ने इसके जवाब में कहा था कि नामांकन भरना अनुशासनहीनता में नहीं आता, लेकिन पार्टी ने स्पष्ट किया कि उस दिन व्हिप जारी था और उपनेता मोहन सिंह लोधी को प्रत्याशियों के नाम की घोषणा के लिए अधिकृत किया गया था।
उससे पहले हुई बैठक में सभी पार्षदों को यह बता दिया गया था। नोटिस के जवाब में पेरवानी ने स्वास्थ्य कारणों से सदन से जाने की बात कही थी, लेकिन शहर अध्यक्ष भानु महाजन ने स्पष्ट किया कि वह उस दिन सदन में मौजूद थे और उन्होंने स्वास्थ्य खराब होने की जानकारी किसी को नहीं दी। वह बहिष्कार करके गए थे, जो सदन के रिकार्ड में है।
अनुशासनहीनता पर की कार्रवाई
‘पार्षद उमेश पेरवानी ने सदन में अनुशासनहीनता दिखाई थी। जो स्पष्टीकरण दिया, वह संतोष जनक नहीं था, इसलिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और भाजपा पार्षद दल से 6 सल के लिए तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया गया है’ - भानु महाजन, शहर अध्यक्ष, भाजपा
निष्कासन की जानकारी नहीं
‘पार्टी से निष्कासन की मुझे अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। अगर शहर अध्यक्ष ने कोई फैसला लिया है तो उस पर क्या कार्रवाई करनी है, देखेेंगे। पहले पत्र तो मिल जाए। मैं पार्टी का अनुशासित सिपाही रहा हूं। उसी के मुताबिक उपयुक्त फोरम पर अपना पक्ष रखूंगा’ - उमेश पेरवानी, पार्षद, वार्ड 77