आगरा में कोरोना वायरस का टीका लगाते वक्त कोई कमी न रह जाए, इसके लिए मंगलवार को छह केंद्रों पर टीकाकरण का पूर्वाभ्यास किया। बिना वैक्सीन और सुई के कर्मचारियों को सांकेतिक रूप से टीका लगाया। छह बूथों पर 275 स्वास्थ्य कर्मचारी अभ्यास में शामिल हुए। पांच बूथों पर दो सत्रों में 250 और एक बूथ पर 25 कर्मचारियों को टीका लगाने का अभ्यास किया। शाम को मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस कर पूर्वाभ्यास के बारे में जानकारी भी की।
एसएन में रही अव्यवस्था, एक घंटे देर से शुरू हुई प्रक्रिया
एसएन मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था रही। यहां एक घंटे की देरी से प्रक्रिया शुरू हो सकी। दो बूथ बने थे, इसमें टीम एक के 25 स्वास्थ्य कर्मचारी देर से आए। आइसबॉक्स, सिरिंज समेत अन्य की व्यवस्था देर से की गई। 11 बजे टीका अभ्यास शुरू हो सका।
ये रही प्रक्रिया
- डिपो से आइसबॉक्स में खाली वैक्सीन वॉइल लाई गई।
- कर्मचारी का सूची और पोर्टल से मिलान किया गया।
- बिना सुई की सिरिंज से कर्मचारी के बाजू पर सांकेतिक टीका लगाया।
- 30 मिनट तक निगरानी कक्ष में रहे, चक्कर आने-जी मिचलाने की बात पूछी।
ये कर्मचारी हुए शामिल
एसएन मेडिकल कॉलेज: 50
पुष्पांजलि: 50
सीएचसी नरायच: 25
सीएचसी खंदौली: 50
सीएचसी अछनेरा: 50
सीएचसी बरौली अहीर: 50
व्यवस्थाएं परखने के लिए पूर्वाभ्यास
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने कहा कि टीका लगाने से पहले व्यवस्थाओं को परखने के लिए अभ्यास किया है। जहां खामियां रहीं उनसे सबक लेते हुए इसे टीकाकरण में दुरुस्त कर लिया जाएगा।
टीकाकरण की प्रक्रिया समझ गए
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कहा कि कोरोना वायरस की बीमारी में लगने वाली वैक्सीन के वक्त कोई अफरातफरी न हो और सभी को क्या कार्य करना है, इस मकसद से पूर्वाभ्यास किया गया।
'देरी की समस्या दुरुस्त कर लेंगे'
पूर्वाभ्यास के नोडल प्रभारी डॉ. शैलेंद्र चौधरी ने कहा कि एसएन मेडिकल कॉलेज में दो बूथों पर पूर्वाभ्यास किया। एक टीम का समय पर अभ्यास शुरू हुआ जबकि एक में देरी हुई। इसको टीकाकरण में दुरुस्त कर लिया जाएगा।
'सरकार के टीके पर पूरा भरोसा'
पूर्वाभ्यास में सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मी एसएन मेडिकल कॉलेज की इंटर्न डॉ. पूजा पांडे टीका लगवाया गया। उनका कहना है कि सरकार के टीके पर पूरा भरोसा है। मां-पिताजी को भी टीके की प्रक्रिया के बारे में बताया, वह भी पूरी तरह से आश्वस्त हैं।
'मामूली हो सकते हैं साइड इफेक्ट'
बागपत की रहने वाले इंटर्न डॉ. रविकांत गुप्ता ने कहा कि दोनों टीके वैज्ञानिक ट्रायल में सफल रहे हैं। टीके से बुखार, दर्द जैसे मामूली साइड इफेक्ट हो सकते हैं, जो सभी टीके में देखने को मिलते हैं। मां-पिताजी को टीके के बाद जानकारी दूंगा।
चिकित्सा विज्ञानियों के जज्बे को सलाम
भदोई की डॉ. रुचिका गुप्ता ने कहा कि कोवॉक्सिन-कोविशील्ड दोनों सुरक्षित हैं। चिकित्सा विज्ञानियों के जज्बे को सलाम करना चाहिए। वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और भरोसेमंद है। अफवाहों पर ध्यान नहीं दिया जाए।
वैक्सीन से कोरोना का होगा अंत
डॉ. सचिन पुरुषनानी ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रति भी लोगों में हार्ड इम्युनिटी बनने लगेगी, वैक्सीन आने के बाद वायरस का अंत हो जाने की उम्मीद है। किसी भी देश की वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है।