आगरा में कोरोना वायरस का संक्रमण फिर से रफ्तार पकड़ने लगा है। अनलॉक से पहले सात दिनों में 35 मरीज मिले थे। रफ्तार रोज पांच मरीज की थी। अब अनलॉक के सात दिनों में 68 मिल गए हैं। रोज लगभग 10 मरीज का औसत है। इस सप्ताह में आठ संक्रमितों की जान भी चली गई है।
पूर्व एसीएमओ डॉ. अरुण कुलश्रेष्ठ ने बताया कि छूट देने से खतरा तो बढ़ेगा ही। लोगों को एहतियात बरतना चाहिए। छूट का मतलब यह नहीं है कि कोरोना का खतरा खत्म हो गया। अब और ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिए।
सैंपल टेस्ट में भी बढ़ोतरी
जून के पहले सप्ताह में 1532 लोगों के सैंपल टेस्ट हुए। जबकि मई के अंतिम सप्ताह में 1167 मरीजों में कोरोना की जांच की गई। 25 मई तक आगरा में 12153 लोगों के सैंपल हुए थे।
सात जून तक 14852 सैंपल टेस्ट हो चुके हैं। 31 मई को 899 संक्रमित मरीज थे, जो सात जून को 967 हो गए। सात दिनों 68 नए मरीज मिले। जबकि आठ लोगों की मौत हुई।
इससे पहले 25 मई को कुल 864 मरीज थे, जो 31 मई को बढ़कर 899 हो गए। तब सात दिनों में 35 नए मरीज बढ़े थे, जबकि मृतकों की संख्या नौ थी।
सात दिन में बढ़े 16 कंटेनमेंट जोन
बाजार खुलने के बाद सात दिनों में 16 कंटेनमेंट जोन बढ़ गए। 31 मई तक शहर में 42 कंटेनमेंट जोन थे। रविवार तक इनकी संख्या 58 हो गई। शहर में 11 और देहात में पांच नए कंटेनमेंट जोन बाजार खुलने के बाद बने हैं।
मास्क पहनें, सामाजिक दूरी बनाएं
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि बाजार लोगों की सुविधा के लिए खोले हैं, खतरा टला नहीं है। सभी लोग सामाजिक दूरी बनाएं, मास्क पहनें। बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोग ज्यादा सतर्क रहें।