आगरा में अब हर किसी की कोरोना जांच नहीं होगी। संक्रमितों के संपर्क, अस्पतालों में भर्ती मरीज और फील्ड सर्विलांस के दौरान जिनमें बुखार व अन्य गंभीर लक्षण होंगे, सिर्फ उन्हीं लोगों की कोरोना जांच की जाएगी। इसके लिए एक दिन पहले सूची बनेगी, फिर मोबाइल लैब से सैंपल कलेक्शन होगा।
कोरोना सैंपल टेस्ट करने के मामले में आगरा उत्तर प्रदेश में टॉप पर है। 11 हजार से अधिक नमूनों की जांच हो चुकी है। बड़ी संख्या में सैंपल निगेटिव मिले हैं। ऐसे में अब जिला प्रशासन ने सैंपल लेने की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए स्मार्ट सैंपलिंग के आदेश दिए हैं।
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जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि जहां जरूरी है, वहीं सैंपल होगा। अनावश्यक सैंपलिंग नहीं होगी। इसके लिए सैंपल प्लानिंग टीम बनाई है। जो सैंपल लेने से पहले तय करती है कि कहां-कहां सैंपल होने हैं।
उन्होंने बताया कि हमें ऐसे सैंपल लेने हैं, जहां संक्रमितों की पहचान हो सके। डीएम ने बताया कि पहले सभी लोगों की सैंपलिंग हो रही थी। इसमें बदलाव कर अब स्मार्ट सैंपलिंग पर फोकस है।