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आगरा में अब कोरोना जांच के लिए होगी स्मार्ट सैंपलिंग, जानिए क्या है नई व्यवस्था

Wed, 20 May 2020 12:04 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • एक दिन पहले बनेगी मरीजों की सूची, फिर सैंपल कलेक्शन के लिए जाएगी मोबाइल लैब
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
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विस्तार
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आगरा में अब हर किसी की कोरोना जांच नहीं होगी। संक्रमितों के संपर्क, अस्पतालों में भर्ती मरीज और फील्ड सर्विलांस के दौरान जिनमें बुखार व अन्य गंभीर लक्षण होंगे, सिर्फ उन्हीं लोगों की कोरोना जांच की जाएगी। इसके लिए एक दिन पहले सूची बनेगी, फिर मोबाइल लैब से सैंपल कलेक्शन होगा।
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कोरोना सैंपल टेस्ट करने के मामले में आगरा उत्तर प्रदेश में टॉप पर है। 11 हजार से अधिक नमूनों की जांच हो चुकी है। बड़ी संख्या में सैंपल निगेटिव मिले हैं। ऐसे में अब जिला प्रशासन ने सैंपल लेने की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए स्मार्ट सैंपलिंग के आदेश दिए हैं।


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जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि जहां जरूरी है, वहीं सैंपल होगा। अनावश्यक सैंपलिंग नहीं होगी। इसके लिए सैंपल प्लानिंग टीम बनाई है। जो सैंपल लेने से पहले तय करती है कि कहां-कहां सैंपल होने हैं। 

उन्होंने बताया कि हमें ऐसे सैंपल लेने हैं, जहां संक्रमितों की पहचान हो सके। डीएम ने बताया कि पहले सभी लोगों की सैंपलिंग हो रही थी। इसमें बदलाव कर अब स्मार्ट सैंपलिंग पर फोकस है।
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एक दिन पहले बन रही सूची

स्वास्थ्य सेवाओं की नोडल अधिकारी व सीडीओ जे रीभा ने बताया कि हर दिन औसतन 250 सैंपल लिए जा रहे हैं। तीन मोबाइल लैब हैं। सैंपल लेने के लिए एक दिन पहले सूची बनाई जा रही है।

ऐसे होगी स्मार्ट सैंपलिंग
- हॉटस्पॉट में सर्विलांस के दौरान किसी में बुखार, सांस की तकलीफ व अन्य गंभीर लक्षण मिलने पर।
- कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के दौरान संक्रमितों के संपर्क में आए ऐसे लोग जिनमें संक्रमण की आशंका है।
- एसएन व जिला अस्पताल में भर्ती अन्य बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की वहीं की टीम सैंपलिंग करेगी।
- 27 निजी अस्पताल जो नॉन कोविड मरीजों के लिए हैं, वहां भर्ती मरीजों के सैंपल लिए जाएंगे।
- क्वारंटीन सेंटर में भर्ती जिन लोगों ने 14 दिन का समय पूरा कर लिया है। उन्हें डिस्चार्ज करने के लिए।
- एल-1 श्रेणी के आइसोलेशन सेंटर में भर्ती संक्रमितों की सात-सात दिन बाद दोबारा सैंपल होंगे।
 
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