आगरा के लिए राहत भरी खबर है। पिछले नौ दिनों में कोरोना वायरस का एक भी केस सामने नहीं आया है। कुल आठ केस मिले थे। इनमें से सात लोग ठीक होकर घर आ चुके हैं।
आठवां मामला बंगलूरू से मायके आई युवती का है। उसकी हालत में भी सुधार है। क्वारंटाइन (एकांतवास) में रखे गए लोगों ने भी सख्ती से इसका पालन किया है।
इस बीच 500 से ज्यादा लोग जिला अस्पताल में सैंपल देकर जांच करा चुके हैं। इससे जागरूकता का पता चलता है। पुलिस के पास रोज 100 से ज्यादा फोन पड़ोसी को खांसी और जुकाम होने की शिकायत के आ रहे हैं। विदेश से लौट रहे लोगों की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दी जा रही है।
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहा है कि आगरा ने लोगों ने बड़ी जागरूकता दिखाई है और संयम रखा है। इसी का नतीजा है कि कोरोना के आठ मरीज मिलने के बाद संक्रमण फैला नहीं।
एकांतवास में घर से बाहर निकले तो होगी जेल
शहर के जिन सात हजार से ज्यादा लोगों को क्वारंटाइन किया गया है, अगर वे घर से बाहर निकलते हैं तो उन्हें 14 दिन के लिए जेल भेज दिया जाएगा। यह आदेश जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने जारी किया है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर किसी के विदेश से आने की सूचना छिपाई तो उस पर भी यही कार्रवाई होगी। ऐसे मामले में शांति भंग के तहत कार्रवाई होगी।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें तीन लाख से ज्यादा घरों का सर्वे कर चुकी हैं। जिन सात लोगों में कोरोना वायरस मिला, उनके संपर्क में आने वाले सभी लोगों को क्वारंटीन किया गया है। हेल्थ सर्वे में जिन्हें खांसी-जुकाम और बुखार मिला, उन्हें भी क्वारंटीन किया गया। इस तरह कुल संख्या सात हजार हो गई।
सोमवार से घर-घर जाएगी टीम
जनता कर्फ्यू के चलते रविवार को हेल्थ सर्वे नहीं किया गया। सोमवार से स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों की सेहत की जानकारी लेंगी। कोरोना वायरस के चलते अभी तक 2,40,000 घरों का सर्वे हो चुका है। इसमें लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण देख कर रिपोर्ट बनाई थी।
सोमवार से रकाबगंज, शाहगंज, देवरी रोड क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों की सेहत की जानकारी करेगी। स्वास्थ्य सर्वे के नोडल अधिकारी डॉ. संजीव बर्मन ने बताया कि जनता कर्फ्यू के चलते अभियान स्थगित कर दिया है सोमवार से यथावत चलेगा।