आगरा में कोरोना वायरस की आशंका पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 20 दिनों में 232952 घरों पर पहुंचकर लोगों की सेहत का हाल जाना था। इसमें 1787 टीम लगाई गईं थी।
टीमों ने बुखार, जुकाम-खांसी और विदेश यात्रा की जानकारी कर रिपोर्ट बनाई। राहत की बात यह रही कि एक भी जगह कोई संक्रमित नहीं मिला। 11 दिन से कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला है।
कोरोना वायरस के संक्रमित मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने खंदारी क्षेत्र और आगरा कैंट क्षेत्र की 26 कॉलोनियों में सर्वे किया था। टीम ने मरीजों के घर के आसपास छह किमी के क्षेत्र में रहने वाले लोगों में कोरोना वायरस के लक्षणों का आकलन किया था।
इनमें से विदेश यात्रा से लौटे लोगों की एहतियातन नमूने लेकर जांच भी कराई, लेकिन सभी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भी भेज दी है।
स्वास्थ्य सर्वे के नोडल प्रभारी डॉ. संजीव बर्मन ने बताया कि टीमों ने लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए हाथों को सैनिटाइज और खांसते-छींकते वक्त रुमाल का उपयोग करने के लिए जागरूक भी किया।
राहत की बात यह भी है कि रेलवे अधिकारी की कोरोना संक्रमित बेटी की तबीयत में सुधार है। कुल आठ मरीज मिले थे। सात स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। 11 दिनों में कोई नया मामला नहीं मिला है।
40 और की रिपोर्ट निगेटिव
सोमवार को कोरोना वायरस की आंशका पर लिए गए सभी 40 नमूनों की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। उधर, आइसोलेशलन वार्ड में भर्ती किए छह लोगों को घर भेज दिया गया। इन्हें 14 दिन तक क्वारंटीन में रहने के निर्देश दिए हैं। 17 के नमूने लेकर जांच कराने लखनऊ भेज दिए हैं।
मंगलवार को जिला अस्पताल में 44 लोग कोरोना वायरस की आंशका जताते हुए नमूना देने के लिए पहुंचे। चिकित्सकों ने इनकी केस हिस्ट्री पूछते हुए 17 के नमूने लिए हैं। इनमें पांच लोग विदेश यात्रा से लौटे थे, जिनको रैपिड रिस्पांस टीम लेकर आई थी। इनको एहतियातन आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया है।
जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने बताया कि लगातार नमूनों की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। यह लोगों की जागरूकता का भी असर है। सभी लोगों से अपील है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। इससे ही कोरोना वायरस से बचाव होगा।